Bilaspur: बिना ज्यादा चीर-फाड़ के होंगे बड़े ऑप्रेशन, AIIMS बिलासपुर में शुरू होने जा रही ये हाईटेक सुविधा

Edited By Vijay, Updated: 27 Dec, 2025 06:41 PM

aiims bilaspur

गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) बिलासपुर से एक राहत भरी खबर सामने आई है।

बिलासपुर (बंशीधर): गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) बिलासपुर से एक राहत भरी खबर सामने आई है। संस्थान में जल्द ही वेसल सीलिंग और बाइपोलर तकनीक से लैस अत्याधुनिक रेडियोफ्रीक्वैंसी (आरएफ) जैनरेटर की सुविधा शुरू होने जा रही है। शल्य चिकित्सा (सर्जरी) के क्षेत्र में सुधार लाने के उद्देश्य से एम्स प्रशासन ने 3 आरएफ जैनरेटर मशीनों की खरीद के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है।

रक्तस्राव की समस्या होगी कम
आमतौर पर किसी भी बड़े ऑप्रेशन या अंग की सर्जरी के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव एक बड़ी चुनौती होती है, जिसके चलते मरीजों और उनके तीमारदारों को रक्त का इंतजाम करने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। आरएफ जैनरेटर तकनीक के आने से यह समस्या काफी हद तक कम हो जाएगी। यह मशीन रेडियोफ्रीक्वैंसी ऊर्जा और बाइपोलर तकनीक के जरिए सर्जरी के दौरान रक्त वाहिकाओं को सुरक्षित तरीके से सील कर देती है, जिससे खून का बहाव न्यूनतम रहता है और जटिलताओं की आशंका घट जाती है।

इन विभागों को मिलेगा सीधा लाभ
एम्स बिलासपुर में इस आधुनिक मशीन के स्थापित होने से जनरल सर्जरी, गायनीकोलॉजी, यूरोलॉजी और ऑर्थोपेडिक्स सहित कई महत्वपूर्ण विभागों में उच्च स्तरीय और जटिल ऑप्रेशन संभव हो सकेंगे। इस सुविधा का लाभ न केवल हिमाचल प्रदेश के निवासियों को मिलेगा, बल्कि आसपास के राज्यों के मरीज भी स्थानीय स्तर पर ही बेहतर सर्जिकल सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे। इससे गंभीर मरीजों को इलाज के लिए बड़े महानगरों में रेफर करने की आवश्यकता भी कम होगी।

मरीज की रिकवरी होगी तेज
इस तकनीक के इस्तेमाल से सर्जरी के दौरान रक्तस्राव कम होने के कारण मरीज की सुरक्षा बढ़ेगी। इससे रिकवरी तेज होगी और मरीज को अस्पताल में कम समय तक भर्ती रहना पड़ेगा। साथ ही, पारंपरिक टांके और क्लिप की जरूरत कम होने से दर्द और संक्रमण (इन्फैक्शन) का खतरा भी घटेगा। कम समय में सर्जरी पूरी होने से डाक्टरों की कार्यकुशलता बढ़ेगी और वे जटिल मामलों का उपचार अधिक आत्मविश्वास के साथ कर सकेंगे।

क्या कहता है प्रशासन 
एम्स प्रशासन ने जानकारी दी है कि मशीनों की खरीद के लिए टैंडर प्रक्रिया जारी है। प्रक्रिया पूरी होते ही मशीनों की स्थापना कर दी जाएगी और बहुत जल्द यह अत्याधुनिक सुविधा मरीजों की सेवा में समर्पित कर दी जाएगी।

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