स्कूल स्टाफ, रिटायर अधिकारियों और व्यापारियों की बदौलत ‘आदर्श’ बना प्राथमिक स्कूल परौर

Edited By Vijay, Updated: 01 Dec, 2021 09:54 PM

adarsh primary school parour

आदर्श प्राथमिक स्कूल परौर में गरीबों के ही नहीं, बल्कि सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के बच्चों भी अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई कर रहे हैं। हाल ही में स्कूल के एक विद्यार्थी आर्यन कपूर का चयन एकलव्य विद्यालय में हुआ है। स्कूल के केंद्रीय मुख्य शिक्षक...

320 विद्यार्थियों वाले स्कूल में 2 टीचर्स और एक चपड़ासी का पद खाली, स्टाफ को ही खोलना पड़ रहा स्कूल
परौर (केपी पांजला):
आदर्श प्राथमिक स्कूल परौर में गरीबों के ही नहीं, बल्कि सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के बच्चों भी अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई कर रहे हैं। हाल ही में स्कूल के एक विद्यार्थी आर्यन कपूर का चयन एकलव्य विद्यालय में हुआ है। स्कूल के केंद्रीय मुख्य शिक्षक स्वर्ण सिंह गुलेरिया ने बताया कि आदर्श स्कूल का श्रेय स्कूल स्टाफ के साथ परौर और खड़ौठ के रिटायर अधिकारियों और व्यापारियों को जाता है। स्कूल स्टाफ ने बताया कि सभी के सहयोग और विश्वास के कारण इस बार 150 नए विद्यार्थियों ने दाखिला लिया है। स्टाफ ने बताया कि पिछले 2 साल से 2 टीचरों और एक चपड़ासी का पद खाली है। चपड़ासी का पद खाली होने के कारण स्कूल स्टाफ को स्कूल खोलना पड़ता है। खास बात यह है कि स्कूल में नर्सरी से लेकर 5वीं तक 320 बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। मौजूदा समय में पहली से 5वीं तक 4 टीचर हैं।

स्कूल की खास बातें

  • बुधवार को मौके पर केंद्रीय मुख्य शिक्षक स्वर्ण सिंह गुलेरिया भी बच्चों को पढ़ाते दिखे। 
  • स्कूल के प्रति अन्य लोगों का विश्वास बने, इसके लिए मैडम नूतन ने पहले अपने बच्चों व भतीजी का यहां दाखिला करवाया था।
  • 2013 में स्कूल में अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई शुरू हुई, साथ ही प्रदेश का पहला आदर्श स्कूल बना।
  • वर्तमान में एक एनआरआई, टीचर और कई कर्मचारियों के बच्चे भी यहां पढ़ाई कर रहे हैं।
  • वर्तमान में शायद जिले में यह पहला स्कूल होगा, जहां सभी स्मार्ट क्लास रूम हैं। 
  • पढ़ाई के अलावा बच्चे जिला स्तरीय और राज्य स्तरीय खेलों में कई पदक स्कूल के नाम कर चुके हैं। 
  • स्वच्छता में स्कूल को 2 बार पुरस्कार भी मिल चुका है।
  • स्कूल को स्वर्ण ज्ञानोदय कलस्टर श्रेष्ठ विद्यालय का प्रोजैक्ट भी मिल चुका है।   

10 किलोमीटर दूर से पढ़ने आते हैं बच्चे

स्कूल की खास बात यह है कि यहां परौर ही नहीं, बल्कि 10 किलोमीटर दूर से भी लोग अपने बच्चों को पढ़ा रहे हैं। यहां पर दरंग, लाहला, पनापर, बल्लाह, सलोह, नाल्टी पुल, खड़ौठ और अक्षैणा चौक तक के बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। बच्चों को छोडऩे के लिए हर रोज 8 गाडिय़ां आती हैं वहीं कई पेरैंट्स खुद भी बच्चों को छोड़ने आते हैं।

क्या कहते हैं केंद्रीय मुख्य शिक्षक व परौर पंचायत प्रधान

केंद्रीय मुख्य शिक्षक स्वर्ण सिंह गुलेरिया ने बताया कि आदर्श स्कूल का श्रेय स्कूल स्टाफ के साथ यहां की जनता को जाता है। वर्तमान में यहां 320 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। यहां बच्चों को पढ़ाई के साथ अनुशासन और अन्य सभी एक्टीविटीज करवाई जाती हैं। उम्मीद है कि अगले साल यहां एडमिशन और ज्यादा बढ़ेगी। वहीं परौर पंचायत के प्रधान रोजी राणा ने कहा कि हमे खुशी होती है कि हमारी पंचायत के स्कूल की पूरे हिमाचल में पहचान है। इसका श्रेय यहां की जनता और स्टाफ को जाता है। हम चाहते हैं कि हमारे स्कूल की पहचान हिमाचल ही नहीं, बल्कि पूरे भारत में हो।

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