कंधों पर घायल गाय और होंठों पर पहाड़ी गीत, कुछ ऐसे पेश की मानवता की मिसाल

Edited By prashant sharma, Updated: 22 Oct, 2021 12:21 PM

wounded cow on shoulders and pahari song on lips

हिंदू धर्म और भारतीय संस्कृति में गाय को माता का स्थान दिया जाता है। गाय माता की सेवा और सम्मान हाल ही में हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के लोगों ने दिखाया है। सिरमौर के नाहन में एक घायल गाय को कंधों पर उठाकर उसके मालिक तक पहुंचाने में लोगों ने...

नाहन : हिंदू धर्म और भारतीय संस्कृति में गाय को माता का स्थान दिया जाता है। गाय माता की सेवा और सम्मान हाल ही में हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के लोगों ने दिखाया है। सिरमौर के नाहन में एक घायल गाय को कंधों पर उठाकर उसके मालिक तक पहुंचाने में लोगों ने मानवता की मिसाल पेश की है। यह दृश्य देखने को मिला है सिरमौर के गिरीपार रेणुका क्षेत्र में हरिपुरधार के निकट बडयाल्टा नामक गांव में। यहां कुछ लोगों रास्तें में एक घायल गाय नजर आई। उन लोगों ने घायल गाय को कंधों पर उठाकर डेढ़ किलोमीटर दूर पहुंचाया। पहाड़ी पर चढ़ते समय लोगों ने एक दूसरे का हौंसला बढ़ाने के लिए पहाड़ी गीत भी गाए। करीब 5 क्विंटल वजनी घायल गाय को डोली में दुल्हनिया की तरह उठाकर चंद घंटों में ही उसके मालिक के घर पहुंचा दिया गया। एक ओर जहां सड़कों पर घायल और आवारा पशुओं की देखरेख करने वाला कोई नहीं है, वहीं बडयाल्टा गांव के लोगों ने गौ माता की सेवा कर एक मिसाल पेश की है। 
 

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