Edited By Jyoti M, Updated: 08 Mar, 2026 05:42 PM

जहाँ एक ओर एंबुलेंस को 'जीवनदायिनी' माना जाता है, वहीं सोलन में एक ईएमटी फार्मासिस्ट ने इस भरोसे को तार-तार कर दिया। मदद की गुहार लगाने वाली महिलाओं के साथ एंबुलेंस के भीतर ही बदसलूकी का एक गंभीर मामला सामने आया है। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी...
हिमाचल डेस्क। जहाँ एक ओर एंबुलेंस को 'जीवनदायिनी' माना जाता है, वहीं सोलन में एक ईएमटी फार्मासिस्ट ने इस भरोसे को तार-तार कर दिया। मदद की गुहार लगाने वाली महिलाओं के साथ एंबुलेंस के भीतर ही बदसलूकी का एक गंभीर मामला सामने आया है। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को शिमला से दबोच लिया है।
क्या है पूरा मामला?
घटना 8 मार्च की है, जब सोलन की एक 30 वर्षीय महिला ने स्वास्थ्य संबंधी आपातकाल के चलते 108 एंबुलेंस सेवा की मदद ली थी। शिकायत के मुताबिक, एंबुलेंस के पहुँचने से पहले ही कर्मचारी की नीयत संदिग्ध लग रही थी; उसने फोन पर यह पुष्टि की थी कि क्या महिला अकेली सफर करेगी।
जब महिला अपनी जेठानी और बेटे के साथ एंबुलेंस में सवार हुई, तो रास्ते में तैनात फार्मासिस्ट, जिसकी पहचान दिव्यांश (मंडी निवासी) के रूप में हुई है, ने मर्यादा की सारी हदें पार कर दीं।
बदसलूकी और फरार होने की कोशिश
आरोप है कि सफर के दौरान दिव्यांश ने मरीज की जेठानी के साथ छेड़छाड़ शुरू कर दी। जब दोनों महिलाओं ने इसका कड़ा विरोध किया, तो आरोपी ने उनके साथ गाली-गलौज और दुर्व्यवहार किया। अस्पताल पहुँचने पर जब महिला के पति ने इस मामले पर आपत्ति जताई, तो आरोपी ने उनके साथ भी हाथापाई और अभद्र व्यवहार किया और वहां से रफूचक्कर हो गया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
महिला पुलिस थाना सोलन ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत केस दर्ज किया। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 74 और 75 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस टीम ने पीछा करते हुए आरोपी को शिमला से हिरासत में ले लिया है।
आरोपी पिछले 6 महीने से 108 एंबुलेंस में ईएमटी फार्मासिस्ट के तौर पर कार्यरत था और घटना के वक्त आरोपी नाइट शिफ्ट (8 PM - 8 AM) पर तैनात था।
आधिकारिक बयान
सोलन के एसपी, तिरुमला साई दत्तात्रेय वर्मा ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि पुलिस आरोपी के पुराने रिकॉर्ड को खंगाल रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि महिलाओं की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कानून के तहत सख्त से सख्त कदम उठाए जाएंगे।