Edited By Jyoti M, Updated: 02 Mar, 2026 12:48 PM

कल्पना कीजिए कि आपका पुराना वाहन सालों से घर के कोने में धूल फांक रहा हो, लेकिन अचानक आपको संदेश मिले कि वह सैकड़ों किलोमीटर दूर हाईवे पर फर्राटे भर रहा है।
नादौन (हमीरपुर): कल्पना कीजिए कि आपका पुराना वाहन सालों से घर के कोने में धूल फांक रहा हो, लेकिन अचानक आपको संदेश मिले कि वह सैकड़ों किलोमीटर दूर हाईवे पर फर्राटे भर रहा है। हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले में एक ऐसा ही 'जादुई' मामला सामने आया है, जिसने पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।
क्या है पूरा माजरा?
नादौन के वार्ड नंबर-4 के रहने वाले नवल अवस्थी उस वक्त दंग रह गए, जब उनके मोबाइल पर भारी-भरकम जुर्माने के मैसेज आए। उनका 1992 मॉडल का पुराना स्कूटर (HP 21 1537), जो पिछले दो वर्षों से खराब हालत में घर पर खड़ा है, उसके नाम पर सोलन जिले के सनवारा टोल प्लाजा पर दो दिन के भीतर चालान काट दिए गए।
जुर्माने की राशि ने उड़ाए होश
हैरानी की बात यह है कि जो स्कूटर स्टार्ट तक नहीं होता, उस पर ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन के गंभीर आरोप लगे हैं।
26 फरवरी: 5,000 रुपये का पहला चालान।
27 फरवरी: अगले ही दिन 10,000 रुपये का दूसरा चालान।
कुल दंड: दो दिनों में 15,000 रुपये का चूना।
किसी बड़ी साजिश की आशंका?
पीड़ित नवल अवस्थी, जो पेशे से दुकानदार हैं, का कहना है कि उन्होंने सालों पहले नई स्कूटी ली थी और पुराने स्कूटर का तब से कोई इस्तेमाल नहीं हुआ। ऐसे में कालका-शिमला मार्ग पर उनके वाहन नंबर का दिखना किसी फर्जी नंबर प्लेट गिरोह की सक्रियता की ओर इशारा करता है। आशंका जताई जा रही है कि कोई अपराधी या शातिर तत्व अपनी पहचान छिपाने के लिए इनके स्कूटर के नंबर का गलत इस्तेमाल कर रहा है।
"मेरा स्कूटर तो हिलने की स्थिति में भी नहीं है, फिर वह सोलन कैसे पहुँच गया? यह निश्चित रूप से नंबर का दुरुपयोग है।" — नवल अवस्थी, पीड़ित
पुलिस की कार्रवाई
इस अजीबोगरीब मामले पर नादौन थाना प्रभारी निर्मल सिंह ने स्पष्ट किया है कि विभाग को मामले की भनक लगी है। यदि पीड़ित द्वारा औपचारिक शिकायत दर्ज कराई जाती है, तो पुलिस इस बात की गहराई से तफ्तीश करेगी कि सनवारा टोल पर असल में कौन सा वाहन उस नंबर प्लेट के साथ गुजर रहा है।