हिमाचल में फिर लौटी ठंड! केलांग से कल्पा तक आधा फुट जमी बर्फ, गरज-बिजली और तेज हवाओं की चेतावनी जारी

Edited By Swati Sharma, Updated: 20 Mar, 2026 07:17 PM

winter returns to himachal half a foot of snow accumulates in keylong

Himachal Weather : हिमाचल प्रदेश में पिछले दो दिनों से लगातार हो रही बारिश से आसपास के उत्तर-पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में शीत लहर की स्थिति और तीव्र हो गई है।  शिमला मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार ऊंचे इलाकों में भारी हिमपात हुआ, जिसमें गोंधला में...

Himachal Weather : हिमाचल प्रदेश में पिछले दो दिनों से लगातार हो रही बारिश से आसपास के उत्तर-पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में शीत लहर की स्थिति और तीव्र हो गई है।  शिमला मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार ऊंचे इलाकों में भारी हिमपात हुआ, जिसमें गोंधला में 21 सेमी, हंसा में 25 सेमी, कल्पा में 17 सेमी और केलांग में 15 सेमी बर्फ दर्ज की गई, जिससे कई स्थानों पर लगभग आधा फुट तक बर्फ जम गई।

तापमान में भारी गिरावट

कुकुमसेरी में भी 13.2 सेमी हिमपात दर्ज किया गया, जो आदिवासी और उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्रों में व्यापक हिमपात का संकेत देता है। तीव्र मौसम प्रणाली के कारण मध्य और निचले पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश हुई। मनाली में सबसे अधिक 57 मिमी बारिश दर्ज की गई। लंबे समय तक चली बारिश ने राज्य भर में तापमान में काफी गिरावट ला दी है। कल्पा में न्यूनतम तापमान शून्य डिग्री सेल्सियस तक गिर गया, जबकि शिमला में यह 6.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से लगभग दो डिग्री कम है। पर्यटन स्थलों में मनाली में तापमान 3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि आदिवासी क्षेत्रों में ठंड का प्रकोप जारी रहा और तापमान लगभग शून्य के करीब पहुंच गया। अधिकतम तापमान में 2 से 5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है और कई स्थानों पर यह सामान्य से 12 डिग्री सेल्सियस तक कम है, जिससे शीत लहर जैसी स्थिति और तीव्र हो गई है।

कुफरी में गरज के साथ हुई बारिश

वहीं, राज्य के कुछ हिस्सों में कोहरा भी छाया रहा, मंडी जिले में हल्के कोहरे के कारण द्दश्यता लगभग 800 मीटर तक कम हो गई, जबकि कुफरी में गरज के साथ बारिश हुई। मौसम विभाग ने गरज, बिजली और तेज हवाओं सहित खराब मौसम की चेतावनी जारी की है, हालांकि आने वाले दिनों में इसकी तीव्रता धीरे-धीरे कम हो सकती है। विशेषज्ञों ने कहा कि व्यापक बारिश और बर्फवारी रबी की फसलों, सेब के बागों और जल भंडारों के लिए फायदेमंद साबित होगी, हालांकि सर्दियों की अचानक वापसी ने पहाड़ी राज्य के कई हिस्सों में सामान्य जीवन और यातायात को बाधित कर दिया है।

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