Una : अंबोटा की निशु सूद बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल, चटनी और अचार से प्रतिमाह कमा रहीं 60 हजार का शुद्ध मुनाफा

Edited By Swati Sharma, Updated: 23 Mar, 2026 05:14 PM

una  nishu sood of ambota becomes an exemplar of self reliance

Una News : हिमाचल प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वयं सहायता समूह महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का मजबूत माध्यम बनकर उभरे हैं। प्रदेश सरकार द्वारा महिला उद्यमिता और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के प्रयासों के बीच जिला ऊना के अंबोटा गांव की निशु सूद आज...

Una News : हिमाचल प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वयं सहायता समूह महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का मजबूत माध्यम बनकर उभरे हैं। प्रदेश सरकार द्वारा महिला उद्यमिता और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के प्रयासों के बीच जिला ऊना के अंबोटा गांव की निशु सूद आज आत्मनिर्भरता की प्रेरक मिसाल बन चुकी हैं। उन्होंने न केवल स्वयं आर्थिक मजबूती हासिल की, बल्कि दर्जनों महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर उनके जीवन में आत्मविश्वास और नई उम्मीद का संचार किया है। निशु सूद द्वारा तैयार की गई चटनियों और अचार का स्वाद अब केवल ऊना तक सीमित नहीं रहा। हिमाचल प्रदेश के विभिन्न जिलों के साथ-साथ बाहरी राज्यों के लोग भी उनके उत्पादों को पसंद कर रहे हैं। बाजार से मिल रही सकारात्मक प्रतिक्रिया ने उनके इस प्रयास को एक सफल महिला उद्यम की पहचान दिलाई है।

छोटे प्रयास से बड़े मुकाम तक का सफर

निशु सूद ने ‘गणेश स्वयं सहायता समूह’ के माध्यम से अपने उद्यम की शुरुआत की। शुरुआत में महज 8 महिलाओं के साथ शुरू हुआ यह प्रयास आज लगभग 70 महिलाओं को जोड़ चुका है। समूह द्वारा वर्तमान में करीब 60 प्रकार की चटनियां और अचार तैयार किए जा रहे हैं, जिनमें कटहल, सहजन, करेला, नींबू, गाजर, आम, आंवला और जामुन सहित कई पारंपरिक स्वाद शामिल हैं। निशु सूद का यह उद्यम आज आर्थिक रूप से भी सशक्त बन चुका है। सभी खर्चों को निकालने के बाद वे प्रतिमाह लगभग 50 से 60 हजार रुपये तक का शुद्ध मुनाफा अर्जित कर रही हैं। इसके साथ ही उन्होंने पांच महिलाओं को स्थायी रोजगार भी प्रदान किया है, जिससे उनके परिवारों की आजीविका मजबूत हुई है।

मेलों और बाजारों से मिली पहचान

समूह द्वारा तैयार उत्पादों की गुणवत्ता और पारंपरिक स्वाद ने बाजार में विशेष पहचान बनाई है। निशु सूद ने हिमाचल प्रदेश के प्रमुख मेलों सहित सरस मेला, श्री चिंतपूर्णी महोत्सव और राज्यस्तरीय हरोली उत्सव में स्टॉल लगाकर अपने उत्पादों की सफल बिक्री की है, जहां प्रत्येक मेले में लगभग दो से ढाई लाख रुपये तक का कारोबार हुआ। इसके अलावा गुरुग्राम जैसे बाहरी शहरों तक भी उनके उत्पादों की पहुंच बन चुकी है। निशु सूद के उत्कृष्ट कार्यों को कई मंचों पर सराहा गया है। वर्ष 2023 में उन्हें हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल द्वारा महिला सशक्तिकरण में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। वहीं अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने उन्हें एक लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान कर सम्मानित किया। कोविड-19 महामारी के दौरान सराहनीय कार्यों के लिए वर्ष 2021 में उपायुक्त ऊना द्वारा उन्हें ‘गरिमा अवॉर्ड’ भी प्रदान किया गया।

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स्वयं सहायता समूहों से मिला आगे बढ़ने का अवसर

निशु सूद बताती हैं कि उन्हें स्वयं सहायता समूह की जानकारी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से मिली। वर्ष 2001 में समूह के पंजीकरण के बाद उन्होंने छोटे स्तर पर उत्पादों की बिक्री शुरू की। वर्ष 2015 में समूह को राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जोड़े जाने के बाद उन्हें आर्थिक और तकनीकी सहयोग मिला, जिससे उनके कार्य को नई गति मिली। 35 हजार रुपये के रिवॉल्विंग फंड से उन्होंने दाल पिसाई और बड़ियां बनाने की मशीन खरीदकर अपने व्यवसाय को और सुदृढ़ किया। वर्तमान में निशु सूद अपने उत्पादों को हिमाचल के विभिन्न पर्यटन स्थलों शिवबाड़ी गगरेट, शिमला, ततापानी, कुफरी और चंबा में आउटलेट के माध्यम से बेच रही हैं। इसके साथ ही ऑनलाइन ऑर्डर और कुरियर सुविधा के जरिए वे देशभर में अपने उत्पादों की आपूर्ति भी कर रही हैं। निशु सूद का कहना है कि सरकार और प्रशासन से मिले सहयोग और सम्मान ने उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा दी है। उन्होंने अन्य महिलाओं से भी स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर आत्मनिर्भर बनने की अपील की है, ताकि वे भी परिवार की आर्थिक मजबूती में भागीदार बन सकें।

सरकार की पहल से महिला समूहों को मिल रहा प्रोत्साहन

प्रदेश में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए स्वयं सहायता समूहों को प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और विपणन के अवसर उपलब्ध करवाने के प्रयास निरंतर जारी हैं। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में राज्य सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में विभिन्न योजनाओं को प्रोत्साहित कर रही है, जिससे महिला समूहों को अपने उत्पादों के लिए व्यापक मंच मिल रहा है।

स्वयं सहायता समूहों से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिल रही नई दिशा : उपायुक्त

उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने बताया कि जिले में स्वयं सहायता समूह महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण का मजबूत माध्यम बनकर उभर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के निर्देशनानुसार जिला प्रशासन स्वयं सहायता समूहों को सशक्त बनाने और महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए विभिन्न योजनाओं को प्रभावी ढंग से क्रियान्वित कर रहा है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन सहित अन्य योजनाओं के तहत समूहों को प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता, विपणन सुविधा और प्रदर्शनी मंच उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। जिला प्रशासन द्वारा मेलों और उत्सवों में स्टॉल लगाने के अवसर प्रदान कर इन उत्पादों को व्यापक बाजार से जोड़ा जा रहा है, जिससे महिला समूहों की आय में वृद्धि हो रही है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई दिशा मिल रही है।
 

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