Edited By Swati Sharma, Updated: 17 Feb, 2026 05:09 PM

Shimla News: हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को सदन के भीतर अधिकारियों की कार्यप्रणाली को लेकर तीखी बहस देखने को मिली। गगरेट से कांग्रेस विधायक राकेश कालिया ने नौकरशाही पर जनप्रतिनिधियों की अनदेखी का गंभीर आरोप लगाया।...
Shimla News: हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को सदन के भीतर अधिकारियों की कार्यप्रणाली को लेकर तीखी बहस देखने को मिली। गगरेट से कांग्रेस विधायक राकेश कालिया ने नौकरशाही पर जनप्रतिनिधियों की अनदेखी का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अधिकारी न तो विधायकों के फोन उठाते हैं और न ही जनहित के कार्यों में सक्रियता दिखा रहे हैं। इस पर विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कड़ा रुख अपनाते हुए विधायक को लिखित शिकायत देने का निर्देश दिया है।
'...महत्वपूर्ण परियोजनाओं में देरी हो रही'
दरअसस, प्रश्नकाल के दौरान विधायक राकेश कालिया ने गगरेट क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) मरवाड़ी के भवन निर्माण और भूमि चयन को लेकर सवाल पूछा था। संबंधित मंत्री ने विभागीय जानकारी देते हुए जवाब दिया। पूरक प्रश्न पूछते हुए कालिया ने अधिकारियों के ढुलमुल रवैये पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने सदन में कहा कि क्षेत्र के विकास कार्यों की जानकारी लेने के लिए जब वे अधिकारियों को फोन करते हैं, तो उन्हें अक्सर अनसुना कर दिया जाता है, जिससे महत्वपूर्ण परियोजनाओं में देरी हो रही है।
अध्यक्ष ने मांगी लिखित शिकायत
विधायक ने कड़े लहजे में चेतावनी दी कि यदि अधिकारियों ने अपना व्यवहार नहीं सुधारा, तो वे जनता को साथ लेकर अधिकारियों का घेराव करने पर मजबूर होंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री से भी इस मामले में हस्तक्षेप कर अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों के प्रति जवाबदेह बनाने के निर्देश देने की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि विधायकों के फोन न उठाना विशेषाधिकार के उल्लंघन और अनुशासनहीनता का विषय है। उन्होंने आश्वस्त किया कि लिखित शिकायत मिलते ही संबंधित अधिकारियों के खिलाफ उचित अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।