Edited By Kuldeep, Updated: 15 Mar, 2026 10:36 PM

प्रदेश की सुक्खू सरकार केंद्र सरकार द्वारा 15वें वित्त आयोग के तहत पंचायतों को भेजी गई राशि को दबाव बनाकर गलत तरीके से वापस ले रही है।
सुजानपुर (अश्वनी): प्रदेश की सुक्खू सरकार केंद्र सरकार द्वारा 15वें वित्त आयोग के तहत पंचायतों को भेजी गई राशि को दबाव बनाकर गलत तरीके से वापस ले रही है। यह राशि सीधे पंचायतों के खातों में विकास कार्यों के लिए भेजी जाती है और इसे प्रदेश सरकार द्वारा वापस लेना नियमों के विरुद्ध है। यह बात भाजपा के बमसन टौणी देवी मंडल के प्रशिक्षण महा अभियान के बाद पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत के दौरान पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने कही। उन्होंने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार पंचायतों के विकास के लिए 15वें वित्त आयोग के तहत करोड़ों रुपए की राशि सीधे पंचायतों के खातों में भेज रही है, लेकिन प्रदेश सरकार इन टाइड फंड्स को जबरन अपने खजाने में डाल रही है।
राजेंद्र राणा ने कहा कि 15वें वित्त आयोग की राशि को वापस लेने का अधिकार केवल केंद्र सरकार को है। इस राशि पर पंचायतों और केंद्र सरकार का ही अधिकार होता है, प्रदेश सरकार इसे अपने स्तर पर नहीं उठा सकती। उन्होंने कहा कि जब पंचायतों में निर्वाचित प्रधान थे तब तक इस राशि को नहीं उठाया गया, लेकिन अब वित्तीय शक्तियां प्रशासकों को मिलने के बाद करोड़ों रुपए की यह राशि जल शक्ति विभाग को स्थानांतरित कर दी गई है, जिसका उन्होंने कड़ा विरोध किया है। उन्होंने कहा कि इससे पहले सरकार पंचायतों के खातों में जमा ब्याज की राशि भी वापस ले चुकी है। ऐसे में प्रदेश सरकार द्वारा पंचायतों के अधिकारों को लगातार कमजोर किया जा रहा है।