अभ्यास करते रहोगे तो एक दिन सफलता खुद आकर चूमेगी कदम : धूमल

Edited By Vijay, Updated: 14 May, 2022 05:28 PM

state level athletics championship started in hamirpur college

पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि खेल के मैदान में सफलता और असफलता एक ही सिक्के के दो पहलू होते हैं। उन्होंने कहा कि अभ्यास करते रहोगे तो एक दिन सफलता खुद आकर कदम चूमेगी। उन्होंने कहा कि जिंदगी को भी खेल...

हमीरपुर कॉलेज में 30वीं प्रदेश स्तरीय एथलैटिक्स चैंपियनशिप शुरू  
हमीरपुर (राजीव):
पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि खेल के मैदान में सफलता और असफलता एक ही सिक्के के दो पहलू होते हैं। उन्होंने कहा कि अभ्यास करते रहोगे तो एक दिन सफलता खुद आकर कदम चूमेगी। उन्होंने कहा कि जिंदगी को भी खेल भावना से देखना चाहिए। कई बार सफलता मिलती है कई बार असफलता लेकिन सफ़र खत्म नहीं होता। पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने शनिवार को हमीरपुर राजकीय महाविद्यालय के खेल मैदान में 30वीं प्रदेश स्तरीय एथलैटिक्स चैंपियनशिप का शुभारंभ करने पहुंचे हुए थे। उन्होंने चैंपियनशिप के आयोजन के लिए आयोजकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि हमीरपुर, धर्मशाला और प्रदेश के अन्य भागों में खेल के मैदानों में खिलाड़ियों को सुविधाएं अच्छी मिलें, इसके लिए उन्होंने भरपूर कोशिश की है। 

खेलना ही नहीं बल्कि जीवन में और भी बहुत कुछ सिखाते हैं खेल के मैदान 
खिलाड़ियों को प्रेरित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सभी बहुत सौभाग्यशाली हो कि जीवन के प्रारंभ में ही आप खेल के मैदान से जुड़ गए हो। खेल के मैदान हमें खेलना ही नहीं बल्कि जीवन में और भी बहुत कुछ सिखाते हैं। टीम स्पिरिट, एक टीम बनकर प्रयत्न कर लक्ष्य को प्राप्त करना, अनुशासनबद्ध होकर लक्ष्य की प्राप्ति के लिए संघर्ष करना, नियमों का उचित प्रकार से पालन करना और जीत-हार को एक जैसा समझना, यह सब हमें खेल के मैदान में सीखने को मिलता है।

नशे को रोकने और युवा पीढ़ी को बचाने का सर्वोत्तम उपाय खेल और खेल के मैदान 
नशे के सेवन से उजड़ रही नई पीढ़ी के प्रति चिंता व्यक्त करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी युवा पीढ़ी द्वारा नशों का सेवन कर अपना भविष्य खराब करना दुर्भाग्यवश हमारे समाज का एक दुखद पहलू है। नशे की प्रवृत्ति को रोकने और युवा पीढ़ी को बचाने का एक सर्वोत्तम उपाय खेल और खेल के मैदान हैं। खेलों से जुड़े युवाओं को कोशिश करके उन सबको खेल मैदानों से जोड़ना होगा जो सब अभी तक खेल के मैदान से दूर हैं। इस प्रकार की खेल प्रतियोगिताएं भी जिला या ज्यादा से ज्यादा ब्लॉक स्तर पर आयोजित की जाती हैं, इन्हें भी गांव-गांव तक पहुंचाना होगा।

गांव-गांव में होने चाहिए प्रतियोगिताओं के आयोजन
उन्होंने कहा कि इस दिशा में हमारे सांसद अनुराग ठाकुर ने कुछ वर्ष पहले सांसद खेल महाकुंभ शुरू करवा कर एक बढ़िया प्रयास किया है, जिसमें हर पंचायत से युवा खेल प्रतिभाओं को एक मंच मिला। बच्चों को बचपन से ही खेल मैदानों से जोड़ना होगा और ऐसी प्रतियोगिताओं के आयोजन गांव-गांव में होने चाहिए ताकि वहां के बच्चे खेल मैदानों से जुड़ सकें। इसे एक सामाजिक दायित्व समझ कर हम सबको प्रयास करने चाहिए। इस अवसर पर पूर्व राष्ट्रीय खिलाड़ी नरेंद्र अत्री भी मौजूद रहे।

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