Shimla: काम में देरी पर ठेकेदार को नहीं मिलेगी पूरी धनराशि

Edited By Kuldeep, Updated: 15 Nov, 2025 07:32 PM

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हिमाचल प्रदेश में लोक निर्माण विभाग के तहत किए जा रहे कार्य में देरी पर ठेकेदार को स्वीकृत निविदा मूल्य यानि टैंडर वैल्यू का 20 प्रतिशत से अधिक स्वीकृत नहीं होगा।

शिमला (भूपिन्द्र): हिमाचल प्रदेश में लोक निर्माण विभाग के तहत किए जा रहे कार्य में देरी पर ठेकेदार को स्वीकृत निविदा मूल्य यानि टैंडर वैल्यू का 20 प्रतिशत से अधिक स्वीकृत नहीं होगा। पहले यह सीमा 10 प्रतिशत थी। इसको लेकर विभाग ने सभी मुख्य अभियंताओं को पत्र लिखा है। आम तौर पर कोई भी कार्य समय पर पूरा नहीं हो पाता है। इसमें चाहे वह सड़क का कार्य हो या भवन निर्माण का या फिर कोई अन्य कार्य हो। इसमें कई कारणों से देरी होती है। कई बार कार्य के लिए एफसीए सहित अन्य स्वीकृतियां लेने में भी समय लग जाता है।

कई बार लोगों के विरोध के कारण भी कार्य में देरी होती है। इसके अलावा कई बार ठेकेदार भी काम करने में देरी करता है। कार्य में देरी के कारण लागत मूल्य में बढ़ौतरी होती है, जिससे सरकार को नुक्सान उठाना पड़ता है। इसे देखते हुए सरकार ने निर्णय लिया है कि यदि किसी जायज कारण से कार्य में देरी होती है तो ठेकेदार को इस देरी के लिए स्वीकृत निविदा मूल्य के 20 प्रतिशत से अधिक राशि नहीं मिलेगी। यानि यदि कार्य 100 रुपए का है तथा कार्य में देरी हो गई तो उसे 120 रुपए से अधिक नहीं मिलेंगे।

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