Weather update: तीन जिलों में रहेगा बाढ़ का अलर्ट, 13 सड़कें यातायात के लिए खोलीं

Edited By Kuldeep, Updated: 30 Jun, 2025 10:45 PM

shimla weather bad

हिमाचल में जून महीने के छिटपुट से लेकर व्यापक वर्षा हुई है और राज्य में 1901 के बाद से 21वीं सबसे अधिक वर्षा 135 मिलीमीटर हुई है और जून महीने में सबसे अधिक वर्षा वर्ष 1971 में 252.7 मिलीमीटर रिकार्ड की गई थी।

शिमला (संतोष): हिमाचल में जून महीने के छिटपुट से लेकर व्यापक वर्षा हुई है और राज्य में 1901 के बाद से 21वीं सबसे अधिक वर्षा 135 मिलीमीटर हुई है और जून महीने में सबसे अधिक वर्षा वर्ष 1971 में 252.7 मिलीमीटर रिकार्ड की गई थी। 3 जून को चंबा और 3 व 5 जून, को शिमला जिला में छिटपुट ओलावृष्टि दर्ज की गई। ऐसे में पिछले दो दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। पहाड़ दरक रहे है, मकान जमींदोज हो रहे है, नदियां उफान पर है और बादल फटने की घटनाओं से लोग दहशत में दिन बिता रहे है। शिमला जिले के रामपुर क्षेत्र के सरपारा व गानवी इलाकों में बादल फटने की घटनाएं हुई है, जिसमें मवेशी बह गए है, जबकि श्मिाला के भट्टाकुफर क्षेत्र के माठू कालोनी में 5 मंजिला भवन जमींदोज हो गया है। भारी बारिश के कारण सिरमौर जिला के गिरी जाटों डैम और मंडी जिला के पंडोह डैम से पानी छोड़ा गया है, जिससे गिरि और ब्यास नदियों का जलस्तर खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है।

निचले क्षेत्रों में अलर्ट जारी कर दिया गया है। बारिश के कारण किन्नौर में शोंगटोंग-कड़छम जल विद्युत परियोजना का कार्य ठप हो गया है, वहीं लाहौल घाटी में तापमान बढ़ने से चंद्रभागा नदी समेत अन्य जलधाराओं का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। मंडी जिला में चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे पर कैंची मोड़ के पास रातभर भूस्खलन होता रहा, जिससे यातायात प्रभावित है। वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से भेजा जा रहा है। बग्गी सुरंग में सिल्ट अधिक होने के कारण डैहर पावर हाउस में विद्युत उत्पादन भी ठप हो गया है। प्रदेश सरकार ने भूस्खलन और भारी वर्षा के चलते कांगड़ा, मंडी, सिरमौर और कुल्लू जिला के बंजार व मनाली उपमंडल में आज सभी शिक्षण संस्थानों में अवकाश घोषित किया है।

मौसम विभाग की माने तो मंगलवार को तीन जिलों कांगड़ा, मंडी व सिरमौर में बाढ़ का यैलो अलर्ट जारी किया गया है। हालांकि मौसम विभाग के अनुसार 6 जुलाई को कहीं-कहीं भारी बारिश का यैलो अलर्ट जारी किया गया है, जबकि ऑरैंज व रैड अलर्ट नहीं रहेगा। राजधानी शिमला तो धुंध के आवरण से घिर गई है और सोमवार को यहां 3, सुंदरनगर में 1, कल्पा में 0.8, धर्मशाला में 4, नाहन में 8.6, सोलन में 2, कांगड़ा में 9, मंडी में 25, बिलासपुर में 1.5, जुब्बड़हट्टी में 3.2, कुफरी में 7, नारकंडा में 5.5, सेओबाग में 1, धौलाकुंआ में 1, नेरी में 0.5 मिलीमीटर वर्षा, जबकि मनाली में बूंदाबांदी हुई है। बीती रात्रि पंडोह व मंडी में सर्वाधिक 12-12, पालमपुर में 8, चुवाड़ी में 7, भराड़ी में 7, कसौली में 6, करसोग में 4, कंडाघाट में 4 सैंटीमीटर वर्षा हुई है। अधिकतम तापमान बजौरा में 30.9 डिग्री, ऊना में 30.8 डिग्री व शिमला में 19.2 डिग्री रहा।

राहत की बात यह है कि राज्य में कोई भी नेशनल हाईवे बंद नहीं है। लोक निर्माण विभाग ने सोमवार को 14 बंद सड़कों को यातायात के लिए खोल दिया है, जबकि 354 बिजली ट्रांसफार्मर भी दुरूस्त किए है। राज्य में बंद चल रही 239 सड़कों को खोलने के लिए मशीनरी व लेबर लगा दी है और अधिकांश सड़कों को मंगलवार तक बहाल कर दिया जाएगा। सबसे अधिक सड़कें 139 जिला मंडी व सिरमौर में 92 बंद पड़ी हुई है।

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