Edited By Kuldeep, Updated: 31 Aug, 2025 07:20 PM

हिमाचल प्रदेश विधानसभा में आज फिर से प्राकृतिक आपदा की गूंज सुनाई देगी। प्रदेश में बीते कुछ दिनों से राज्य के अधिकांश हिस्सों में दरम्याना से भारी वर्षा हो रही है। इससे चम्बा, कुल्लू और मंडी जिला के अलावा प्रदेश के अधिकांश स्थानों से भारी नुक्सान...
शिमला (कुलदीप): हिमाचल प्रदेश विधानसभा में आज फिर से प्राकृतिक आपदा की गूंज सुनाई देगी। प्रदेश में बीते कुछ दिनों से राज्य के अधिकांश हिस्सों में दरम्याना से भारी वर्षा हो रही है। इससे चम्बा, कुल्लू और मंडी जिला के अलावा प्रदेश के अधिकांश स्थानों से भारी नुक्सान होने की सूचना है। ऐसे में सरकार की तरफ से भी राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी सदन में दिए जाने की संभावना है। विधानसभा में इस बार अधिकांश चर्चा प्राकृतिक आपदा से हुए नुक्सान को लेकर हुई है। इसमें सदस्यों ने जहां अपने क्षेत्र की प्राकृतिक आपदा की तरफ सरकार का ध्यान आकर्षित किया है, वहीं सरकार ने भी वस्तुस्थिति से अवगत करवाया है। सदन में 4 महत्वपूर्ण संशोधन विधेयक भी प्रस्तुत किए जाएंगे तथा 1 अन्य को पारित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू सदन में हिमाचल प्रदेश लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण), विधेयक, 2025 और हिमाचल प्रदेश (सड़क द्वारा कतिपय माल के वाहन पर) कराधान संशोधन विधेयक, 2025 प्रस्तुत करेंगे। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी की तरफ से रजिस्ट्रीकरण (हिमाचल प्रदेश संशोधन) विधेयक, 2025 और ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह की तरफ से हिमाचल प्रदेश पंचायती राज (संशोधन) विधेयक, 2025 को प्रस्तुत किया जाएगा। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी की तरफ से हिमाचल प्रदेश लोक उपयोगिताओं के परिवर्तन का प्रतिषेध विधेयक, 2025 को प्रस्तुत किया जाएगा।
निगम-130 व नियम-61 के तहत भी विषय उठेंगे
विधानसभा में नियम-130 के तहत उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया की तरफ से प्रदेश में संसाधन जुटाने से जुड़े विषय को लेकर प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाएगा। यह विषय पहले भी कार्यसूची में आ चुका है, लेकिन सदन में दूसरे विषय उठने के कारण अब तक इस पर चर्चा नहीं हो पाई है। नियम-130 के तहत प्रदेश में अवैध खनन और प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुध दोहन से उत्पन्न पर्यावर्णीय असंतुलन, भूस्खलन तथा बाढ़ जैसी समस्याओं को रोकने एवं विधायक सतपाल सिंह सत्ती और त्रिलोक जम्वाल का कानून व्यवस्था को लेकर भी प्रस्ताव कार्यसूची में सूचीबद्ध है। नियम-61 के तहत विधायक सुखराम चौधरी और आशीष शर्मा भी आधे घंटे की चर्चा के दौरान मामलों को उठाएंगे।