Shimla: पंचायत चुनावों को असंवैधानिक तरीके से लटकाने का प्रयास कर रही सरकार : सिकंदर

Edited By Kuldeep, Updated: 04 Apr, 2026 05:59 PM

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सांसद एवं भाजपा प्रदेश महासचिव डा. सिकंदर कुमार ने आरोप लगाया है कि राज्य सरकार पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों को असंवैधानिक तरीके से लटकाने का प्रयास कर रही है।

शिमला (ब्यूरो): सांसद एवं भाजपा प्रदेश महासचिव डा. सिकंदर कुमार ने आरोप लगाया है कि राज्य सरकार पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों को असंवैधानिक तरीके से लटकाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार अपनी गिरती लोकप्रियता और ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ते जनाक्रोश से इस तरह डरी हुई है कि वह लोकतंत्र की सबसे छोटी इकाई पंचायत के अस्तित्व को ही खतरे में डाल रही है।

डा. सिकंदर कुमार ने शिमला से जारी बयान में कहा कि पंचायतों का कार्यकाल समाप्त हुए कई महीने बीत चुके हैं, लेकिन सरकार जानबूझ कर नए चुनावों की अधिसूचना जारी करने की बजाय प्रशासक राज के माध्यम से पिछले दरवाजे से पंचायतों को नियंत्रित करना चाहती है। यह सीधे तौर पर पंचायती राज अधिनियम और बाबा साहेब अम्बेदकर के संविधान का अपमान है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार आरक्षण रोस्टर में अपनी सुविधा के अनुसार बदलाव कर रही है, ताकि भाजपा समर्थित उम्मीदवारों और सक्षम नेतृत्व को चुनाव प्रक्रिया से बाहर किया जा सके।

उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार के पास जनता को दिखाने के लिए कोई उपलब्धि नहीं है। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि कांग्रेस ने हिमाचल में लोकतंत्र को होल्ड पर रख दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार 2011 की जनगणना के आधार पर न्याय का ढोंग कर रही है, जबकि हकीकत में उन सीटों को निशाना बनाया जा रहा है जहां भाजपा समर्थित ओबीसी और अनुसूचित जाति के लोग मजबूत स्थिति में हैं। इसके लिए रोस्टर में हेराफेरी कर पंचायतों पर जबरन कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है।

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