हिमाचल में नर्सरी से पहली कक्षा तक प्रवेश के लिए नई आयु सीमा लागू

Edited By Kuldeep, Updated: 14 Jan, 2026 10:36 PM

shimla himachal pradesh nursery age limit applicable

हिमाचल प्रदेश सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रावधानों के अनुरूप प्रारंभिक कक्षाओं में प्रवेश को लेकर आयु मानदंडों को और अधिक स्पष्ट करते हुए नई व्यवस्था लागू कर दी है।

शिमला (प्रीति): हिमाचल प्रदेश सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रावधानों के अनुरूप प्रारंभिक कक्षाओं में प्रवेश को लेकर आयु मानदंडों को और अधिक स्पष्ट करते हुए नई व्यवस्था लागू कर दी है। शिक्षा विभाग द्वारा जारी संशोधित अधिसूचना के अनुसार अब राज्य के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में नर्सरी से पहली कक्षा तक प्रवेश के लिए 30 सितम्बर कट-ऑफ डेट तय की गई है। यानि 30 सितम्बर तक बच्चे की तय आयु पूरी होना अनिवार्य होगा। इस दौरान सरकार ने इसमें आंशिक संशोधन किया है। यह संशोधन शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 की धारा-15 तथा हिमाचल प्रदेश आरटीई नियम-2025 के नियम-6 के तहत किया गया है।

सरकार का उद्देश्य बच्चों की शैक्षणिक और मानसिक विकास क्षमता के अनुरूप कक्षा निर्धारण करना है। नई व्यवस्था के तहत बालवाटिका-1 (नर्सरी) में बच्चे की आयु 30 सितम्बर तक 3 वर्ष, बालवाटिका-2(एलकेजी) में बच्चे की आयु 30 सितम्बर तक 4 वर्ष पूरी होनी चाहिए। इसके अलावा बालवाटिका-3 (यूकेजी) में बच्चे की आयु 30 सितम्बर तक 5 वर्ष और कक्षा-1 में 30 सितम्बर तक बच्चे की आयु 6 वर्ष पूरी होनी चाहिए। इस संबंध में निदेशालय स्कूल शिक्षा, हिमाचल प्रदेश ने सभी उपनिदेशकों (प्रारंभिक व माध्यमिक), जिला एवं खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारियों को आदेश जारी करते हुए निर्देशों को तत्काल प्रभाव से लागू करने को कहा है।

सभी सरकारी एवं निजी स्कूलों के प्रधानाचार्यों व मुख्याध्यापकों को भी इन निर्देशों की जानकारी देने और प्रवेश प्रक्रिया में इनका कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं। शिक्षा विभाग के अनुसार नई आयु सीमा से राज्यभर में प्रवेश प्रक्रिया में एकरूपता आएगी, अभिभावकों में भ्रम की स्थिति समाप्त होगी और बच्चों को उनकी उम्र के अनुरूप कक्षा में प्रवेश सुनिश्चित हो सकेगा।

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