Edited By Kuldeep, Updated: 03 Jan, 2026 06:30 PM

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डा. राजीव बिंदल ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री, उनके मंत्रिमंडल सहयोगी, कांग्रेस विधायक व नेता बीपीएल सूची पर कैंची चलाकर गरीब परिवारों का गला घोंट रहे हैं।
शिमला (ब्यूरो): भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डा. राजीव बिंदल ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री, उनके मंत्रिमंडल सहयोगी, कांग्रेस विधायक व नेता बीपीएल सूची पर कैंची चलाकर गरीब परिवारों का गला घोंट रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बीपीएल चयन के लिए नए नियम बनाने के अलावा बिना पारदर्शी प्रक्रिया अपनाकर जिलाधीशों के माध्यम से आनन-फानन में बीपीएल सूचियों से नाम काटे जा रहे हैं। डा. राजीव बिंदल ने शिमला से जारी बयान में कहा कि कुछ जिलों में जो बीपीएल सूचियां प्रकाशित हुई हैं, उनमें लगभग 90 फीसदी तक पुराने बीपीएल परिवारों के नाम गायब कर दिए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरी चयन प्रक्रिया से पंचायती राज संस्थाओं के निर्वाचित प्रतिनिधियों को विश्वास में नहीं लिया गया और न ही इसके लिए कोई बैठक बुलाकर जमीनी स्तर पर सच्चाई जानने की कोशिश की गई है। उन्होंने कहा कि भाजपा तथ्यों के साथ यह आरोप लगा रही है।
उन्होंने दावा किया कि नाहन विकास खंड सहित विभिन्न पंचायतों में जिन वास्तविक गरीब परिवारों के नाम बीपीएल सूची से काटे गए हैं, उनमें आशा देवी (पत्नी जिया राम), सद्दीक (पुत्र नूर मुहम्मद), पार्वती देवी (पत्नी स्व. महिपाल), रजनी (पत्नी स्व. राजवीर), अनीता देवी (पत्नी स्व. मान सिंह), निश्चा देवी (पत्नी स्व. सलिन्द्र सिंह), जतीन चौहान (पत्नी स्व. निर्मल सिंह), नीलम ठाकुर (पत्नी स्व. सुरजन सिंह), अलखदेव सिंह (पुत्र पनराम), राजेंद्र सिंह (पुत्र स्व. बलदेव सिंह), बनारसी दास (पुत्र आशुराम), जाहिदा (पत्नी स्व. नजीर), कमला देवी (पत्नी हंसराज) और जद्वी देवी (पत्नी स्व. ओम पाल सिंह) सहित अन्य दर्जनों लोग शामिल हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश के इतिहास में पहली बार अत्यंत निर्धन परिवारों के साथ तानाशाहीपूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार अब जनहित के मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए भूख हड़ताल जैसे नाटक कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में मनरेगा के कार्य लगभग पूरी तरह बंद कर दिए गए हैं और केंद्र सरकार की तरफ से लाई गई वी.बी.-जी राम जी योजना को शुरू नहीं किया गया है।