Shimla: सेब पर आयात शुल्क घटाने पर बिफरी कांग्रेस, कुलदीप राठौर ने कही ये बड़ी बात

Edited By Kuldeep, Updated: 25 Dec, 2025 07:11 PM

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न्यूजीलैंड से व्यापार मुक्त समझौते के तहत सेब पर आयात शुल्क 50 से घटाकर 25 फीसदी किए जाने पर कांग्रेस केंद्र सरकार पर हमलावर है।

शिमला (राक्टा): न्यूजीलैंड से व्यापार मुक्त समझौते के तहत सेब पर आयात शुल्क 50 से घटाकर 25 फीसदी किए जाने पर कांग्रेस केंद्र सरकार पर हमलावर है। कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता कुलदीप सिंह ठाकुर ने कहा कि इस मसले पर सभी को पार्टी विचारधारा से ऊपर उठकर बागवानों के हितों को ध्यान में रखते हुए आगे आना होगा। ऐसे में हिमाचल के साथ जम्मू कश्मीर और उत्तराखंड को भी केंद्र सरकार पर फैसला वापस लेने के लिए दबाव बनाना होगा। राठौर ने वीरवार को शिमला में आयोजित पत्रकार वार्ता में कहा कि इस मसले पर प्रदेश के बागवान संगठन बैठक करने जा रहे हैं, जिसमें आगामी की रणनीति तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा कि वह इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से भी आग्रह करेंगे कि प्रदेश के बागवानों का पक्ष केंद्र के समक्ष प्रभावी ढंग से उठाया जाए।

राठौर ने कहा कि प्रदेश भाजपा का नेतृत्व और सांसद इस मसले पर चुप्पी साधे हुए हैं, जिससे साफ होता है कि उन्हें प्रदेश के बागवानों की कोई चिंता नहीं है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति पहले से ही भारत सरकार पर आयात शुल्क को जीरो करने का दबाव बना रहे हैं। यदि ऐसा होता है तो बागवानों को बगीचे खुद काटने को मजबूर होना होगा। राठौर ने कहा कि अफगानिस्तान के होते विभिन्न देशों का सेब अवैध तरीके से भारत पहुंच रहा है।

ये मसला उन्होंने पहले भी उठाया था और केंद्रीय वाणिज्य मंत्री तथा प्रदेश के सभी सांसदों को इस संदर्भ में पत्र लिखा था। केवल सांसद अनुराग ठाकुर ने उनके पत्र का जवाब दिया था। राठौर ने कहा कि लोकसभा और राज्य सभा में प्रदेश के बागवानों की आवाज उठाने में सांसदों ने कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई है और अब केंद्र सरकार के फैसलों से प्रदेश की सेब पर आधारित 5 करोड़ की आर्थिकी पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।

अन्याय का हर मंच से होगा विरोध
राठौर ने कहा कि मुख्यमंत्री सुक्खू ने प्रदेश के बागवानों के हितों को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार के समक्ष पहले भी मामला उठाया था। ऐसे में पूरी आशा कि ताजा मामले को देखते हुए एक बार फिर ये मसला केंद्र के समक्ष जोरशोर से उठाएंगे ताकि प्रदेश के बागवानों की आर्थिकी प्रभावित न हो। उन्होंने कहा कि प्रदेश के बागवानों की अनदेखी किसी भी सूरत में सहन नहीं की जाएगी और इस अन्याय का हर मंच पर जोरदार विरोध किया जाएगा।

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