Edited By Vijay, Updated: 13 Feb, 2026 10:18 PM

सरकार द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में केंद्र सरकार के ऊपर लगाए जा रहे अनर्गल आरोपों और कांग्रेस सरकार के राजनीतिक रवैये के चलते भाजपा के प्रतिनिधिमंडल ने बैठक का बहिष्कार किया और बीच बैठक से बाहर चले आए।
शिमला (राक्टा): सरकार द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में केंद्र सरकार के ऊपर लगाए जा रहे अनर्गल आरोपों और कांग्रेस सरकार के राजनीतिक रवैये के चलते भाजपा के प्रतिनिधिमंडल ने बैठक का बहिष्कार किया और बीच बैठक से बाहर चले आए। यह बात शुक्रवार को नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मीडिया को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि सर्वदलीय बैठक में जो प्रैजैंटेशन दी गई है, उसमें बहुत सारे फैक्ट मिसलीडिंग थे, साथ ही इस तरह के माहौल के लिए मुख्यमंत्री ने वातावरण पहले ही दिन से रखा ही नहीं कि हम मिलकर साथ काम करें। अन्हाेंने आरोप लगाया कि यह सरकार सिर्फ ओछी राजनीति कर रही है। सर्वदलीय बैठक में प्रैजैंटेशन के दौरान गुमराह किए जाने वाले झूठे आंकड़े दिए गए, जो सिर्फ राजनीति से प्रेरित हैं। मुख्यमंत्री आए दिन बैठक पर बैठक बुला रहे हैं लेकिन वह खुद कन्फ्यूज हैं कि उन्हें करना क्या है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रदेश को मिलने वाली आरडीजी को लेकर 11वें, 12वें, 13वें, 14वें व 15वें वित्तायोग में एक लाइन में यह ग्रांट बंद करने के संकेत दिए थे, साथ ही स्पष्ट किया गया था कि आरडीजी पर ही निर्भर न रहें, अपने संसाधन बढ़ाएं और खर्चों में कटौती करें।
मनमोहन सरकार ने घटाई थी ग्रांट, तब नहीं हुआ ऐसा तमाशा
जयराम ठाकुर ने कहा कि 13वें आयोग की बात करें तो उस समय केंद्र में कांग्रेस की डाॅ. मनमोहन सरकार ने आरडीजी को एकदम कई गुणा कम कर दिया। उस वक्त भी आर्थिक संकट था, लेकिन ऐसा रोना-धोना नहीं हुआ, जैसा वर्तमान सरकार में हो रहा है। उस समय भी हल निकाला गया लेकिन वर्तमान प्रदेश सरकार हर चीज का ठीकरा प्रदेश भाजपा पर फोड़कर राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री राजनीति से कभी बाहर ही नहीं आना चाहते। बैठक बुलाकर भी सिर्फ राजनीति कर रहे हैं। एक तरफ उनके अधिकारी कहते हैं कि प्रदेश की स्थिति ऐसी है तो दूसरी तरफ मुख्यमंत्री कहते हैं कि कोई समस्या नहीं है। आखिर इतनी कन्फ्यूजन की स्थिति क्यों है? केंद्र सरकार द्वारा लगातार हिमाचल प्रदेश को भरपूर सहयोग किया जा रहा है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि इस बार की बजट में केंद्र सरकार द्वारा केंद्र प्रायोजित स्कीम के बजट में 17 प्रतिशत की वृद्धि की गई है।
सरकार की वजह से लटकी रहीं परियोजनाएं
जयराम ठाकुर ने कहा कि केंद्र हिमाचल प्रदेश को रेलवे से लेकर सड़क परिवहन, जल शक्ति मिशन, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी अनेक जनहित योजनाओं के तहत भरपूर सहयोग कर रही है। हिमाचल सरकार ज्यादातर जगहों पर प्रदेश सरकार की हिस्सेदारी भी नहीं दे रही है, जिसकी वजह से परियोजनाएं लटक रही हैं। पंचायत चुनाव पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि उच्चतम न्यायालय ने स्थानीय निकाय चुनाव 31 मई तक करवाने के निर्देश दिए हैं, जिसका वह स्वागत करते हैं।