उपचुनाव में रोड शो, बाइक रैली पर रोक, प्रचार में नहीं होगी 20 से अधिक गाड़ियां

Edited By prashant sharma, Updated: 17 Oct, 2021 11:42 AM

road show bike rally banned in the by election

हिमाचल प्रदेश में होने वाले उप चुनावों के लिए मुख्य चुनाव अधिकारी सी पालरासू ने कुछ मानक तैयार किए हैं। इान मानकों के संचालन के लिए उन्होंने जिला निर्वाचन अधिकारी सहित राजनीतिक दलों को कडे़ निर्देश जारी कर दिए हैं।

शिमला : हिमाचल प्रदेश में होने वाले उप चुनावों के लिए मुख्य चुनाव अधिकारी सी पालरासू ने कुछ मानक तैयार किए हैं। इान मानकों के संचालन के लिए उन्होंने जिला निर्वाचन अधिकारी सहित राजनीतिक दलों को कडे़ निर्देश जारी कर दिए हैं। बता दे कि हिमालच प्रदेश में मंडी लोकसभा तथा फतेहपुर, अर्की एवं जुब्बल-कोटखाई विस क्षेत्रों में उपचुनाव हो रहे हैं। तय किए गए मानकों के अनुसार उम्मीदवार और उनके प्रतिनिधियों सहित पांच व्यक्तियों के साथ डोर-टू-डोर अभियान चलाया जा सकेगा। रोड शो और मोटर, बाइक व साइकिल रैलियों की अनुमति नहीं दी जाएगी। वीडियो के माध्यम से अभियान के दौरान जगह की उपलब्धता और कोविड दिशा-निर्देशों की अनुपालना के अनुरूप एक क्लस्टर बिंदु में 50 से अधिक दर्शकों की अनुमति नहीं है।

प्रचार के लिए वाहनों का उपयोग सीमित किया गया है और एक उम्मीदवार या राजनीतिक दल के लिए कुल वाहनों की अनुमत संख्या (स्टार प्रचारक को छोड़कर) अधिकतम 20 निर्धारित की गई है और इसमें भी प्रति वाहन अनुमत व्यक्तियों की क्षमता का 50 प्रतिशत रखी है। मतदान दिवस पर अधिकतम तीन लोगों के साथ दो वाहनों की अनुमति होगी। इसके अलावा मतदान केंद्रों, प्रशिक्षण स्थलों, प्रेषण और संग्रह केंद्रों पर सामाजिक दूरी बनाए रखने के निर्देश जारी किए हैं। विकेंद्रित-शिफ्ट तरीके से प्रशिक्षण के उद्देश्य से बड़े हॉल या कमरे, प्रेषण या संग्रह केंद्र, ईवीएम और वीवीपैट के रैंडमाइजेशन कक्ष तथा इनके भंडारण स्थान और मतगणना केंद्रों की पहचान की गई है।

चुनाव प्रचार के दौरान सभी प्रत्याशियों और उनके प्रतिनिधियों और संबंधित राजनीतिक दलों को भी कोविड-19 नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए कड़े दिशा-निर्देश दिए हैं। राज्य और जिला स्तर पर हर स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्था की गई हैं। राज्य, जिला और विधानसभा क्षेत्र स्तर पर स्वास्थ्य नोडल अधिकारी की नियुक्ति करने के निर्देश दिए हैं। जिला एवं विधानसभा क्षेत्र स्तर पर संबंधित जिला निर्वाचन एवं निर्वाचन अधिकारियों को स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ उचित एवं अग्रिम समन्वय तथा सहायता के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने को कहा गया है। संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारी यानी उपायुक्त को मतदान केंद्रों पर थर्मल स्कैनर, सेनेटाइजर, साबुन और पानी की व्यवस्था, दस्ताने, फेस-शील्ड व मास्क आदि की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है।

आंतरिक स्थलों (इंडोर) में आयोजित होने वाली बैठकों के लिए अनुमत क्षमता का 30 प्रतिशत या 200 व्यक्ति, जो भी कम हो, शामिल हो सकेंगे। बैठक में शामिल होने वाले लोगों की संख्या गिनने के लिए एक रजिस्टर रखने को कहा गया है। खुले स्थानों पर (आउटडोर) आयोजित होने वाली बैठकों अथवा सभाओं में स्टार प्रचारकों के मामले में क्षमता के 50 प्रतिशत या एक हजार और अन्य सभी मामलों में 50 प्रतिशत क्षमता या 500 लोगों, जो भी कम हो, को ही एकत्र होने की अनुमति दी गई है।

आयोजन के दौरान पूरे इलाके को बंद करने और पुलिस की पहरेदारी के निर्देश दिए हैं। मैदान में प्रवेश करने वालों की गिनती होगी। घेराबंदी, बैरिकेडिंग का खर्च उम्मीदवार व पार्टी द्वारा वहन किया जाएगा। रैलियों के लिए केवल उन्हीं मैदानों का उपयोग किया जाएगा, जिन्हें पूरी तरह से बैरिकेड किया गया हो। नुक्कड़ सभाओं में स्थान की उपलब्धता और कोविड की अनुपालना के अधीन अधिकतम 50 व्यक्तियों को अनुमति दी जाएगी। मतदान समाप्त होने से 72 घंटे पहले मौन की अवधि निर्धारित है।
 

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