ऊना में शस्त्र लाइसेंसों की समीक्षा प्रक्रिया तेज, कमेटी गठित

Edited By Jyoti M, Updated: 30 Nov, 2025 09:37 AM

review process of arms licenses accelerated in una committee formed

जिला ऊना में सार्वजनिक सुरक्षा, शांति एवं कानून-व्यवस्था को और बेहतर बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने शस्त्र लाइसेंसों की व्यापक समीक्षा प्रक्रिया को और अधिक गति प्रदान की है।यह पूरी प्रक्रिया प्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा पूर्व में शस्त्र...

ऊना। जिला ऊना में सार्वजनिक सुरक्षा, शांति एवं कानून-व्यवस्था को और बेहतर बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने शस्त्र लाइसेंसों की व्यापक समीक्षा प्रक्रिया को और अधिक गति प्रदान की है।यह पूरी प्रक्रिया प्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा पूर्व में शस्त्र लाइसेंसों को लेकर जारी निर्देशों में निर्धारित मानकों के अनुरूप ही संपन्न की जाएगी। 

जिला मजिस्ट्रेट ऊना जतिन लाल ने बताया कि जिले के प्रत्येक उप-मंडल में एक उच्च-स्तरीय समिति गठित की गई है, जिसमें उप-मंडल मजिस्ट्रेट, पुलिस उपाधीक्षकध्संबंधित एसएचओ, तहसीलदार और वन विभाग के रेंज अधिकारी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि सभी लाइसेंस धारकों के लिए हथियार एवं गोला-बारूद जमा करवाने की अंतिम तिथि पहले 26 नवंबर निर्धारित की गई थी, जिसे बाद में बढ़ाकर 28 नवंबर कर दिया गया था, ताकि सभी लाइसेंसधारकों को सुविधा मिल सके।

उन्होंने बताया कि पुलिस अधीक्षक ऊना को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि शस्त्र अधिनियम 1959 की धारा 17 (बी, सी एवं डी) के अनुरूप सभी संबंधित अधिकारियों की रिपोर्ट समय पर उप-मंडल स्तरीय समितियों तक पहुंचाई जाए। समिति को आदेश जारी होने की तिथि से एक माह के भीतर लाइसेंसों के निलंबन, रद्दीकरण या निरस्तीकरण से संबंधित अपनी संस्तुतियां जिला कार्यालय को भेजनी होंगी।

उपायुक्त ने बताया कि कुछ लाइसेंस धारकों द्वारा विशेष परिस्थितियों में हथियार जमा करवाने में छूट के लिए आवेदन प्राप्त हुए हैं। ऐसे मामलों को ध्यान में रखते हुए जिला मजिस्ट्रेट ने उप-मंडल स्तर की समितियां फसल सुरक्षा और आत्मरक्षा के आधार पर जारी लाइसेंसों की प्राथमिकता से समीक्षा करेंगी। समीक्षा के दौरान लाइसेंसधारक की प्रतिष्ठा, व्यवहार, लंबित भूमि विवाद, आपराधिक मुकदमों में संलिप्तता और सार्वजनिक शांति भंग की घटनाओं को विशेष रूप से जांचा जाएगा।

जिन मामलों में झगड़े, भूमि विवाद, लड़ाई या आपराधिक अभियोजन की पुष्टि होती है, ऐसे प्रकरण आगे की कार्रवाई हेतु जिला कार्यालय को भेजने तथा जिन लाइसेंसधारकों के विरुद्ध कोई नकारात्मक रिकॉर्ड नहीं पाया जाता, उनके हथियार नियमानुसार वापस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। उपायुक्त ने कहा कि यह पूरी प्रक्रिया जिले में शांति व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में एक दूरदर्शी और सकारात्मक कदम है। उन्होंने सभी लाइसेंस धारकों से सहयोग की अपील की है।

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