Edited By Vijay, Updated: 01 Jan, 2026 01:18 PM

कहते हैं किसी भी शुभ कार्य की शुरूआत अगर प्रकृति के आशीर्वाद से हो तो वो और भी मंगलमय हो जाती है। कुछ ऐसा ही नजारा आज नए साल के पहले दिन विश्व विख्यात शक्तिपीठ श्री नयनादेवी देवी जी के दरबार में देखने को मिला।
बिलासपुर (मुकेश): कहते हैं किसी भी शुभ कार्य की शुरूआत अगर प्रकृति के आशीर्वाद से हो तो वो और भी मंगलमय हो जाती है। कुछ ऐसा ही नजारा आज नए साल के पहले दिन विश्व विख्यात शक्तिपीठ श्री नयनादेवी देवी जी के दरबार में देखने को मिला। जहां एक तरफ हजारों श्रद्धालु माता के जयकारे लगा रहे थे, वहीं दूसरी तरफ आसमान से इंद्रदेव ने भी अपनी हाजिरी लगाकर पूरे माहौल को भक्तिमय और सुहाना बना दिया।
बारिश के बीच श्रद्धालुओं का जोश देखते ही बन रहा है। भक्तों का कहना है कि माता जी के दरबार में इस सुहाने मौसम ने उनमें नई ऊर्जा भर दी है। उनका मानना है कि नए साल के पहले दिन बारिश का होना बेहद शुभ संकेत है और उन्होंने इसी उत्साह के साथ माता के चरणों में शीश नवाकर नए साल की मंगल कामना की है।
गौरतलब है कि यह इस सर्दियों के मौसम की पहली बारिश है। एक लंबे सूखे के बाद हुई इस बारिश ने जहां स्थानीय लोगों और किसानों को बड़ी राहत दी है, वहीं दरबार में पहुंचे हजारों पर्यटकों और श्रद्धालुओं के उत्साह को दोगुना कर दिया है। सूखे की मार झेल रहे किसानों के लिए यह बारिश किसी संजीवनी से कम नहीं है, तो वहीं दूरदराज से आए भक्तों के लिए यह मौसम किसी सरप्राइज गिफ्ट जैसा साबित हुआ।