Edited By Vijay, Updated: 23 Jan, 2026 08:59 PM

बघाट बैंक सोलन का एनपीए 115 करोड़ रुपए पर ही टिक गया है। इसका कारण है कि बैंक के टॉप 50 ऋण डिफाल्टर एनपीए हो चुके अपने ऋण का भुगतान करने का नाम नहीं ले रहे हैं।
सोलन (नरेश पाल): बघाट बैंक सोलन का एनपीए 115 करोड़ रुपए पर ही टिक गया है। इसका कारण है कि बैंक के टॉप 50 ऋण डिफाल्टर एनपीए हो चुके अपने ऋण का भुगतान करने का नाम नहीं ले रहे हैं। इन 50 ऋण डिफाल्टरों के पास बैंक के 72.73 करोड़ रुपए फंसे हुए हैं। बैंक पिछले करीब साढ़े 3 महीने में इन डिफाल्टरों से रिकवरी करने में नाकाम रहा है। यही कारण है कि बैंक ने अब इनके नाम सार्वजनिक कर दिए हैं। 50 में से 31 करोड़पति ऋण डिफाल्टर हैं। इन लोगों के पास बैंक का एक करोड़ या इससे अधिक का ऋण है।
सबसे अधिक ऋण 4.68 करोड़ रुपए का है। इसके बाद 2 ऋण 3.33 करोड़ व 3.19 करोड़ रुपए के हैं। 2 करोड़ रुपए से 3 करोड़ के बीच में 9 ऋण डिफाल्टर हैं। 1 करोड़ रुपए से 2 करोड़ रुपए के बीच में बैंक के 19 ऋण डिफाल्टर हैं। इसी तरह 60 लाख से 99 लाख रुपए के बीच में भी बैंक के 19 ऋण डिफाल्टर हैं। हालांकि बैंक के कुल ऋण डिफाल्टरों की संख्या 415 है लेकिन इनमें से 365 ऋण डिफाल्टरों के पास 60-60 लाख रुपए से कम का ऋण है। इन 50 ऋण डिफाल्टरों ने बैंक को इस स्थिति में पहुंचा दिया है। इनमें से भी 11 ऋण डिफाल्टरों के पास ही 38.36 करोड़ रुपए फंसे हुए हैं। बैंक ने कार्रवाई के लिए इनकी सूची प्रदेश सरकार को सौंपी है।
1166 खाताधारकों के खातों में भी जमा हो गए पैसे
बघाट बैंक के 1166 और खाताधारकों के बैंक खातों में 5 लाख रुपए या इससे कम की राशि इंश्योरैंस प्लान के तहत जमा हो गई है। हालांकि बैंक ने 1227 खाताधारकों के खातों में उनका पैसा जमा किया था लेकिन 42 खाताधारकों के खातों में उनका पैसा जमा नहीं हुआ, क्योंकि उनका खाता पोस्ट ऑफिस में था। बघाट बैंक द्वारा पहले चरण में 519, दूसरे चरण में 900 और तीसरे चरण में 1166 खाताधारकों को उनके खातों में 5 लाख रुपए या इससे कम राशि का भुगतान कर दिया गया। पहले चरण में 3643 लोगों ने इंश्याेरैंस के फार्म भरे थे, जिसमें से 1016 में त्रुटियां होने के कारण वापस भेज दिए थे। अभी तक 2627 में से 2585 की 5 लाख रुपए तक की पेमैंट हो गई है।
बघाट बैंक ने शुरू की नई ओटीएस स्कीम
बघाट बैंक ने एनपीए हो चुके 115 करोड़ रुपए ऋण की रिकवरी के लिए नई ओटीएस स्कीम शुरू की है। नई स्कीम में 55 फीसदी तक छूट मिलेगी लेकिन इस बार आवेदन के साथ ही ओटीएस में मिलने वाली छूट के बाद ऋण की शेष बची पूरी राशि को जमा करवाना होगा। इस ओटीएस का लाभ 31 मार्च तक ही मिलेगा। पूर्व की ओटीएस स्कीम में आवेदन के साथ 25 फीसदी राशि जमा करवानी होती थी और शेष राशि को जमा करवाने के लिए 90 दिन का समय मिलता था। नई ओटीएस में डी 1 डिफाल्टर को 15 से 25 फीसदी की छूट मिलेगी। डी 1 वह डाऊटफुल डिफाल्टर हैं, जिनका ऋण एक वर्ष पूर्व ही एनपीए हुआ है। इसी तरह डी 2 डिफाल्टर को 20 से 30 फीसदी की छूट मिलेगी। डी 2 डिफाल्टर में वे ऋणधारक हैं, जिनका ऋण 2 वर्ष पूर्व एनपीए हुआ है। डी 3 वे डिफाल्टर हैं, जिनका ऋण 3 वर्ष या इससे अधिक वर्ष पूर्व एनपीए हुआ है।