Edited By Vijay, Updated: 24 Apr, 2026 11:28 PM

हिमाचल प्रदेश में सुखविंदर सिंह सुक्खू व्यवस्था परिवर्तन के नाम पर फैसला परिवर्तन की सरकार चला रहे हैं। जहां सुबह के फैसले शाम को बदल दिए जाते हैं और शाम के अपने उन फैसलों के दूरगामी परिणामों को सोच कर फैसला नहीं लिया जाता और न ही तार्किकता के आधार...
मंडी (ब्यूरो): हिमाचल प्रदेश में सुखविंदर सिंह सुक्खू व्यवस्था परिवर्तन के नाम पर फैसला परिवर्तन की सरकार चला रहे हैं। जहां सुबह के फैसले शाम को बदल दिए जाते हैं और शाम के अपने उन फैसलों के दूरगामी परिणामों को सोच कर फैसला नहीं लिया जाता और न ही तार्किकता के आधार पर। आए दिन सरकार कोई न कोई आदेश निकालती है, जिसकी पूरे प्रदेश में किरकिरी होती है और वह फैसला अगले दिन वापस हो जाता है। ये बातें शुक्रवार को मंडी में पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहीं। उन्होंने कहा कि इतनी कन्फ्यूजन की स्थिति क्यों है? सबसे बड़ा सवाल है कि 1 दिन भी न टिकने वाले फैसले आखिर कौन ले रहा है? व्यवस्था परिवर्तन वाली सुख की सरकार पल-पल पलटू की सरकार हो गई है।
बेतुके फैसले लेने वाले लोगों पर कार्रवाई भी नहीं कर पा रहे सीएम
जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री की बेबसी यह है कि जन विरोधी, तर्कहीन, विवेकहीन व बेतुके फैसले लेने वाले लोगों पर कार्रवाई भी नहीं कर पा रहे हैं। सिर्फ अप्रैल महीने में ही व्यवस्था परिवर्तन की सरकार द्वारा दिए गए दर्जनों फैसले बदलने पड़े। सभी फैसले इसलिए वापस लेने पड़ रहे हैं क्योंकि उन फैसलों में न तो जनहित था, न ही प्रदेशहित और न ही दूरदर्शिता। अगर किसी फैसले को सरकार नहीं बदलती है तो वह फैसला माननीय न्यायालय द्वारा बदल दिया जाता है।
मुख्यमंत्री ने मास्टर स्ट्रोक बताकर लिए जनविरोधी फैसले
जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार द्वारा समय-समय पर अनेक जनविरोधी फैसले लिए गए, जिसे मुख्यमंत्री मास्टर स्ट्रोक बताते रहे, लेकिन वेे फैसले माननीय न्यायालय की समीक्षा में कहीं नहीं टिके। सिर्फ पंचायत चुनाव के मामले में ही सुक्खू सरकार के आधा दर्जन फैसले माननीय न्यायालय द्वारा संविधान और कानून के विपरीत बताकर पलटे गए। टॉयलेट टैक्स से लेकर टोल टैक्स, अस्पताल और स्कूल बंद करने से लेकर संस्थान-सरकार के न जाने कितने फैसलों ने प्रदेश की किरकिरी करवाई है।
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