अब किसानों को मिलेगी मौसम की सही जानकारी, बड़ी पहल के लिए उठाए जा रहे कदम

Edited By Simpy Khanna, Updated: 20 Sep, 2019 11:04 AM

now farmers will get accurate information of the weather

मौसम के मिजाज को मथना भले ही पूरी तरह से संभव नहीं हो पाया है परंतु किसानों को मौसम की स्टीक जानकारी मिल सके। इसके लिए बड़ी पहल की जा रही है। कृषि के दृष्टिगत मौसम कैसा रहेगा,यह जानकारी देने के लिए प्रदेश में ऑटोमैटिक वैदर स्टेशन स्थापित किए जाएंगे।...

पालमपुर (भृगु) : मौसम के मिजाज को मथना भले ही पूरी तरह से संभव नहीं हो पाया है परंतु किसानों को मौसम की स्टीक जानकारी मिल सके। इसके लिए बड़ी पहल की जा रही है। कृषि के दृष्टिगत मौसम कैसा रहेगा,यह जानकारी देने के लिए प्रदेश में ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। प्रत्येक कृषि विज्ञान केंद्र में यह स्टेशन स्थापित होंगे। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद इन केंद्रों की स्थापना के लिए फंड उपलब्ध करवाएगा। 
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कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित किए जा रहे 3 कृषि विज्ञान केंद्रों का चयन इस हेतु किया गया है। सिरमौर के धौलाकुआं, बिलासपुर के बरठीं तथा मंडी के सुंदरनगर में स्थित कृषि विज्ञान केंद्रों में प्रथम चरण में ऑटोमैटिक वैदर स्टेशन स्थापित किए जाने को लेकर प्रक्रिया आरंभ कर दी गई। बताया जा रहा है कि इसके लिए स्टाफ की उपलब्धता को सुनिश्चित बनाया जा रहा है। स्टाफ टैन्योर बेसिस पर रखा जाएगा। इसके लिए मामले को कृषि विश्वविद्यालय प्रबंधन बोर्ड के समक्ष रखे जाने की तैयारी है। जबकि उपकरण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा उपलब्ध करवाए जाएंगे। 
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प्रदेश की भिन्न-भिन्न भौगोलिक तथा मौसमीय परिस्थितियों के दृष्टिगत किसानों को मौसम की स्टीक जानकारी मिल सके, इसके लिए विशेषज्ञ इस कवायद को महत्वपूर्ण मान रहे हैं। वर्तमान में मौसम किसानों के लिए खलनायक बन रहा है। पहले ही प्रदेश को कृषि की दृष्टि से विभिन्न कृषि जोन में बांटा गया है। प्रदेश में कृषि जहां मैदानी क्षेत्रों में की जाती है तो मध्य व उच्चपर्वतीय क्षेत्रों में भी कृषि लोगों की आॢथकी का प्रमुख आधार है। कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत कांगड़ा, ऊना, हमीरपुर, के बड़ा, लाहौल-स्पीति के कुक्कमसेरी, बिलासपुर के बरठीं, सिरमौर के धौलाकुआं, मंडी के सुंदरनगर तथा कुल्लू के बजौरा में कृषि विज्ञान केंद्र कार्यरत हैं। सभी कृषि विज्ञान केंद्रों में चरणबद्ध ढंग से ऑटोमैटिक वैदर स्टेशन स्थापित किए जाएंगे।
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अन्य जिलों में बागवानी व विश्वविद्यालय सोलन द्वारा कृषि विज्ञान केंद्रों का संचालन किया जाता है। वर्तमान में ग्रामीण कृषि मौसम सेवा के अंतर्गत जिला स्तरीय मौसम पूर्वानुमान किसानों को विज्ञप्ति के माध्यम से विश्वविद्यालय द्वारा उपलब्ध करवाया जाता है। यह पूर्वानुमान कांगड़ा, चम्बा, ऊना व हमीरपुर जनपदों तक ही सीमित है वही किसानों को एस.एम.एस. के माध्यम से भी मौसम की सूचना दी जाती है। प्रत्येक के.वी.के. में ऑटोमैटिक वैदर स्टेशन स्थापित होने से समूचे हिमाचल में किसानों को क्षेत्र के आधार पर कृषि सूचना मिल सकेगी।

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