Edited By Vijay, Updated: 31 Mar, 2026 01:08 PM

नगर निगम मंडी ने आगामी वित्त वर्ष 2026-27 के लिए मंगलवार को अपने वर्तमान कार्यकाल का अंतिम बजट पारित कर दिया है। शहर की जनता के लिए इस बजट से सबसे बड़ी राहत की खबर यह है कि निगम ने कोई नया कर (टैक्स) नहीं लगाया है, जिससे आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक...
मंडी (रजनीश): नगर निगम मंडी ने आगामी वित्त वर्ष 2026-27 के लिए मंगलवार को अपने वर्तमान कार्यकाल का अंतिम बजट पारित कर दिया है। शहर की जनता के लिए इस बजट से सबसे बड़ी राहत की खबर यह है कि निगम ने कोई नया कर (टैक्स) नहीं लगाया है, जिससे आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा। मेयर वीरेंद्र भट्ट की अध्यक्षता में आयोजित बजट बैठक में कुल 85 करोड़ 46 लाख 61 हजार रुपए का टैक्स-फ्री बजट पेश किया गया। इस बजट में मुख्य रूप से शहर के सुनियोजित विकास और नागरिक सुविधाओं को सुदृढ़ करने पर फोकस किया गया है।
बजट की मुख्य विशेषताएं
- बजट का एक बड़ा हिस्सा शहर की प्रमुख विकास परियोजनाओं, सड़कों के रखरखाव और मंडी शहर के सौंदर्यीकरण के लिए आवंटित किया गया है।
- नगर निगम क्षेत्र में सफाई व्यवस्था को और अधिक बेहतर बनाने, ठोस कचरा प्रबंधन को सुदृढ़ करने और शहर को रोशन करने के लिए आधुनिक स्ट्रीट लाइट्स लगाने का लक्ष्य रखा गया है।
- आम नागरिकों को नगर निगम के दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें, इसके लिए ऑनलाइन सेवाओं का विस्तार किया जाएगा। निगम के कार्यों और टैक्स भुगतान की प्रक्रिया को डिजिटल माध्यम से और अधिक सुलभ बनाया जाएगा।
आदर्श नगर निगम बनाने का लक्ष्य : मेयर
बजट पेश करते हुए मेयर वीरेंद्र भट्ट ने कहा कि यह बजट मंडी शहर की वर्तमान जरूरतों और भविष्य की चुनौतियों का गहराई से अध्ययन कर तैयार किया गया है। उन्होंने विश्वास जताते हुए कहा कि इस आवंटित धनराशि से शहर के विभिन्न वार्डों में रुके हुए या लंबित विकास कार्यों को तेज गति मिलेगी। मेयर ने कहा कि हमारा मुख्य लक्ष्य मंडी को एक आदर्श नगर निगम के रूप में विकसित करना है, जहां नागरिकों को हर संभव सुविधा मिले।
विपक्ष के सुझावों को भी दी गई तवज्जो
मंगलवार को हुई इस अहम बैठक में नगर निगम के पार्षदों और शीर्ष अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बजट प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान सभी वार्डों की वर्तमान समस्याओं और आगामी विकास योजनाओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। खास बात यह रही कि विकास कार्यों की प्राथमिकता तय करते समय सत्ता पक्ष के साथ-साथ विपक्ष और अन्य सदस्यों के महत्वपूर्ण सुझावों को भी ध्यान में रखा गया है।
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