Edited By Vijay, Updated: 26 Feb, 2026 05:51 PM

एसडीएम शिमला शहरी ओशिन शर्मा एक बार फिर सोशल मीडिया पर चर्चाओं में हैं। इस बार वजह कोई प्रशासनिक आदेश या जनसुनवाई नहीं, अपितु सोशल मीडिया पर उनके वायरल हुए वीडियो को लेकर है।
शिमला (संतोष): एसडीएम शिमला शहरी ओशिन शर्मा एक बार फिर सोशल मीडिया पर चर्चाओं में हैं। इस बार वजह कोई प्रशासनिक आदेश या जनसुनवाई नहीं, अपितु सोशल मीडिया पर उनके वायरल हुए वीडियो को लेकर है। इस वीडियो में वह एक निजी कंपनी का पार्सल खोलते हुए उसके उत्पाद दिखाती नजर आ रही हैं। वीडियो में स्लग दिया गया है कि उन्हें कंपनी का पहला पार्सल मिला है और फिर वह उत्पादों को कैमरे के सामने उसी अंदाज में पेश करती हैं, जैसे किसी विज्ञापन या प्रमोशनल वीडियो में किया जाता है।
यह वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ यूजर्स का कहना है कि यह पेड प्रमोशन जैसा लग रहा है। एक यूजर ने लिखा है कि एक जागरूक नागरिक होने के नाते केवल इतना निवेदन है कि एसडीएम जैसे संवैधानिक पद पर रहते हुए निजी उत्पादों के प्रचार से बचना सेवा आचरण नियमों के अनुरूप माना जाता है। वहीं, एक अन्य यूजर ने तंज करते हुए लिखा है कि लगता है सरकार को इनका वेतन बढ़ाने की सख्त जरूरत है। एक अन्य यूजर्स के अनुसार सरकारी सेवा में होते हुए उत्पादों की प्रमोशन न करो।
इसी को लेकर सोशल मीडिया पर एक और टिप्पणी वायरल हो रही है। इसमें लिखा है, एसडीएम साहिबा को निजी कंपनी के उत्पादों के डिब्बे खोलते देख क्या हिमाचल प्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम 1974 भी अनबॉक्स हो गए? पोस्ट में आगे नियम 13 और 15 का हवाला देते हुए कहा गया है कि कोई भी सरकारी अधिकारी बिना सरकार की अनुमति के किसी तरह का व्यावसायिक समर्थन या व्यापार नहीं कर सकता। कुछ लोगों ने इस पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि एक प्रशासनिक अधिकारी की भूमिका निष्पक्ष और सार्वजनिक सेवा से जुड़ी होती है, ऐसे में किसी निजी कंपनी के उत्पादों को इस तरह दिखाना क्या सेवा नियमों के अनुरूप है? हालांकि अभी तक इस मामले में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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