Edited By Kuldeep, Updated: 10 Mar, 2026 11:10 PM

नूरपुर क्षेत्र में पैट्रोल पंप के लिए अंतिम एनओसी जारी करने के नाम पर रिश्वत मांगने के मामले में सीबीआई ने कार्रवाई तेज कर दी है। मामले की जांच के दौरान सीबीआई ने चंडीगढ़ और मोहाली स्थित एक निजी कंसल्टैंट के ठिकानों पर छापेमारी की।
शिमला (ब्यूरो): नूरपुर क्षेत्र में पैट्रोल पंप के लिए अंतिम एनओसी जारी करने के नाम पर रिश्वत मांगने के मामले में सीबीआई ने कार्रवाई तेज कर दी है। मामले की जांच के दौरान सीबीआई ने चंडीगढ़ और मोहाली स्थित एक निजी कंसल्टैंट के ठिकानों पर छापेमारी की। मोहाली स्थित आवास और चंडीगढ़ स्थित कार्यालय से दस्तावेज और अन्य रिकॉर्ड कब्जे में लिए गए हैं। वही मामले में सीबीआई ने एक आरोपी को पहले ही गिरफ्तार कर लिया है और उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 20 मार्च तक रिमांड पर भेज दिया है। जानकारी के अनुसार नूरपुर क्षेत्र के एक पैट्रोल पंप संचालक ने 9 फरवरी 2026 को सीबीआई एंटी करप्शन ब्रांच (एसीबी) शिमला को शिकायत दी थी। शिकायत में बताया गया कि उन्हें वर्ष 2020 में एक निजी पैट्रोलियम कंपनी की ओर से पैट्रोल पंप की डीलरशिप दी गई थी और उसी वर्ष लैटर ऑफ इंटैंट जारी किया गया था।
पैट्रोल पंप स्थापित करने के लिए विभिन्न विभागों से एनओसी लेना आवश्यक था। इस क्रम में वर्ष 2021 में एक प्रोविजनल एनओसी जारी की गई थी, जबकि वर्ष 2023 में एक और प्रोविजनल एनओसी दी गई थी। शिकायत के अनुसार बाद में संबंधित प्राधिकरण की ओर से अंतिम एनओसी के लिए आवेदन करने को कहा गया। इसके बाद पैट्रोल पंप संचालक जब संबंधित कार्यालय पहुंचे तो उन्हें चंडीगढ़ के एक निजी कंसल्टैंट के माध्यम से आवेदन करने को कहा गया।
आरोप है कि अंतिम एनओसी जारी करने के बदले 10 लाख रुपए रिश्वत की मांग की गई। सीबीआई द्वारा करवाई गई प्रारंभिक जांच में रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई और 5 लाख रुपए की आंशिक रकम लेने पर सहमति की बात भी सामने आई। सीबीआई ने शिकायत और सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7ए के तहत मामला दर्ज किया है। मामले से जुड़े अन्य अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।