हिमाचल के स्कूलों में नर्सरी से पहली कक्षा में दाखिले के नए नियम लागू, शिक्षा विभाग ने अभिभावकों को दी ये पावर

Edited By Vijay, Updated: 18 Mar, 2026 04:45 PM

new admission rules implemented for nursery to 1st class in schools

हिमाचल प्रदेश में बच्चों के स्कूल एडमिशन (नर्सरी से पहली कक्षा तक) को लेकर लंबे समय से चल रहा उम्र का कन्फ्यूजन अब हमेशा के लिए खत्म हो गया है। शिक्षा विभाग ने दाखिले के लिए नए और सख्त दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।

शिमला (ब्यूरो): हिमाचल प्रदेश में बच्चों के स्कूल एडमिशन (नर्सरी से पहली कक्षा तक) को लेकर लंबे समय से चल रहा उम्र का कन्फ्यूजन अब हमेशा के लिए खत्म हो गया है। शिक्षा विभाग ने दाखिले के लिए नए और सख्त दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। अब बच्चों के दाखिले के लिए 30 सितम्बर की तारीख को कट-ऑफ (आधार) माना जाएगा। सबसे बड़ी बात यह है कि यह नियम केवल सरकारी ही नहीं, बल्कि प्रदेश के सभी प्राइवेट स्कूलों पर भी समान रूप से लागू होगा। अब कोई भी स्कूल दाखिले के नाम पर अपनी मनमानी नहीं कर पाएगा।

स्कूलों ने किए नखरे, तो अभिभावक यहां करें शिकायत
अक्सर देखा जाता है कि प्राइवेट स्कूल उम्र का हवाला देकर एडमिशन देने में आनाकानी करते हैं। शिक्षा विभाग ने अभिभावकों को बड़ी राहत देते हुए स्पष्ट किया है कि यदि कोई भी स्कूल इन नए निर्देशों का पालन नहीं करता है, तो अभिभावक सीधे संबंधित जिले के उपनिदेशक (प्राथमिक शिक्षा) के पास शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। शिक्षा विभाग ने सभी अधिकारियों और स्कूलों को सख्त निर्देश दिए हैं कि उपनिदेशक का निर्णय अंतिम होगा और सभी स्कूलों को उसे हर हाल में मानना होगा। यदि कोई स्कूल फिर भी अनियमितता करता है, तो उस पर आरटीई एचपी नियम 2025 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

क्या है 30 सितम्बर का नियम? (उदाहरण से समझें)
शिक्षा विभाग ने साफ किया है कि यदि कोई बच्चा संबंधित कक्षा के लिए निर्धारित आयु 30 सितम्बर तक पूरी कर लेता है, तो उसे उसी शैक्षणिक सत्र में प्रवेश दिया जाएगा। उदाहरण के तौर पर यदि किसी बच्चे की जन्मतिथि 15 अप्रैल 2023 है, तो वह शैक्षणिक सत्र 2026-27 में बालवाटिका-1 (नर्सरी) में प्रवेश के लिए पूरी तरह पात्र होगा, क्योंकि 30 सितम्बर 2026 आने से पहले-पहले वह बच्चा 3 वर्ष की आयु पूरी कर लेगा।

पहले से पढ़ रहे बच्चों की नहीं रुकेगी क्लास
शिक्षा विभाग ने उन अभिभावकों का भी खास ध्यान रखा है, जिनके बच्चे पहले से ही प्री-प्राइमरी कक्षाओं (नर्सरी/केजी) में पढ़ रहे हैं। जो बच्चे पहले से नामांकित हैं और 30 सितम्बर 2026 तक अगली कक्षा के लिए निर्धारित आयु पूरी कर लेते हैं, उन्हें अगली कक्षा (कक्षा-1 तक) में बिना किसी रुकावट के प्रवेश दिया जाएगा। उदाहरण के तौर पर मान लीजिए किसी बच्चे का जन्म 25 अगस्त 2020 को हुआ है और वह 2026-27 में 'बालवाटिका-दो या तीन' में पढ़ रहा है। ऐसे में वह बच्चा सीधे कक्षा-1 में प्रवेश के लिए पात्र होगा, क्योंकि वह 6 वर्ष की आयु 30 सितम्बर 2026 से पहले पूरी कर लेगा।

अभिभावकों की मर्जी होगी सर्वोपरि
हालांकि, शिक्षा विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि पहले से पढ़ रहे बच्चों को अगली कक्षा में जंप करवाने (प्रमोट करने) का यह फैसला पूरी तरह से माता-पिता की सहमति पर निर्भर करेगा। अगर अभिभावक चाहेंगे, तभी बच्चे को अगली कक्षा में भेजा जाएगा।

 

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