Edited By Vijay, Updated: 30 Jan, 2026 06:22 PM

गर्भावस्था के दौरान भ्रूण के लिंग परीक्षण और कन्या भ्रूण हत्या जैसे जघन्य अपराध को रोकने के लिए बनाए गए पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट-1994 के तहत गठित जिला स्तरीय सलाहकार समिति की बैठक....
हमीरपुर (ब्यूराे): गर्भावस्था के दौरान भ्रूण के लिंग परीक्षण और कन्या भ्रूण हत्या जैसे जघन्य अपराध को रोकने के लिए बनाए गए पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट-1994 के तहत गठित जिला स्तरीय सलाहकार समिति की बैठक शुक्रवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रवीण कुमार चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में समिति के सरकारी और गैर-सरकारी सदस्यों ने भाग लिया। बैठक की कार्यवाही शुरू करने से पहले सभी सदस्यों ने कुछ माह पहले समिति के एक गैर-सरकारी सदस्य मदन लाल कौंडल के आकस्मिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया तथा दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
इस माैके पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि भ्रूण के लिंग परीक्षण और कन्या भ्रूण हत्या के मामलों को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क है और विभाग की इसी सतर्कता के कारण जिला हमीरपुर में हाल ही के वर्षों में कन्या भ्रूण हत्या या भ्रूण के लिंग परीक्षण का कोई भी संदिग्ध मामला सामने नहीं आया है। इससे जिले के शिशु लिंगानुपात में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल रहा है।
3 अल्ट्रासाऊंड सैंटरों के लाइसैंस रिन्यू
बैठक में जिला की तीन अल्ट्रासाऊंड क्लीनिकों के लाइसैंसों के नवीनीकरण को मंजूरी प्रदान की गई। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि 5 साल की अवधि के बाद इन मशीनों एवं क्लीनिकों के पंजीकरण का नवीनीकरण किया जाना अनिवार्य होता है। नई अल्ट्रासाऊंड मशीनों की खरीद और पंजीकरण के मामलों तथा पुरानी मशीनों की बिक्री से संबंधित मामलों पर भी बैठक में व्यापक चर्चा की गई। बैठक में जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अजय अत्री ने विभिन्न अल्ट्रासाऊंड केंद्रों का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया। इस अवसर पर समिति के अन्य सरकारी सदस्य डॉ. अनिल कुमार, डॉ. पूनम कुमारी, डॉ. स्वाति चंदेल, सहायक जिला न्यायवादी डीके ठाकुर, अन्य अधिकारी और समिति की गैर-सरकारी सदस्य सुषमा शर्मा भी उपस्थित रहीं।