Hamirpur: एंबुलैंस बनी रथ और बेटे बने सारथी, नादौन के सीताराम ने देहदान कर पेश की मिसाल

Edited By Vijay, Updated: 07 Mar, 2026 11:01 AM

sitaram of nadaun set an example by donating his body

नादौन के कोहला गांव निवासी 79 वर्षीय सीता राम पुत्र मुंशी राम ने देहदान कर अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। शुक्रवार सुबह करीब साढ़े 4 बजे उनका निधन हुआ।

नादौन (जैन): नादौन के कोहला गांव निवासी 79 वर्षीय सीता राम पुत्र मुंशी राम ने देहदान कर अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। शुक्रवार सुबह करीब साढ़े 4 बजे उनका निधन हुआ। इसके उपरांत घर पर सारे रीति-रिवाज पूर्ण करने के बाद परिजनों ने पार्थिव देह को भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी और नम आंखों से देह को हमीरपुर मेडिकल कॉलेज रवाना किया। परिजनों के लिए यह बहुत भावुक पल थे। हालांकि परिजनों व ग्रामीणों ने बैंड-बाजे सहित एम्बुलैंस को रस्से से रथ की तरह खींचकर सीता राम को अंतिम विदाई दी। 

बता दें कि सीता राम बीएसएनएल विभाग से सेवानिवृत्त हुए थे। जानकारी देते हुए सीता राम के पुत्र एवं नादौन के प्रसिद्ध उद्यमी विनोद खावला ने बताया कि उनके पिता ने करीब 2 वर्ष पहले ही अपने इस निर्णय की जानकारी परिजनों को दी थी। पहले तो परिजनों ने सामाजिक रीति-रिवाजों सहित धर्म एवं संस्कृति का हवाला देकर उन्हें इस निर्णय पर दोबारा विचार करने का आग्रह किया परंतु सीता राम की समाज के प्रति समर्पण की इस भावना के आगे पूरा परिवार नतमस्तक हो गया। इसके बाद उनकी पत्नी सरोज बाला, दोनों बेटों विनोद खावला व रजनीश और परिवार के अन्य सदस्यों ने सीता राम के इस निर्णय को पूरा सम्मान देते हुए इसे आदरपूर्वक स्वीकार कर लिया।

यह निर्णय परिवार के लिए बहुत भावनात्मक था, लेकिन उन्हें इस बात का भी गर्व हुआ कि उनके पिता ने समाजसेवा का यह अनुकरणीय उदहारण प्रस्तुत किया है। उन्होंने बताया कि पारिवारिक निर्णय के बाद उन्होंने मैडीकल कालेज हमीरपुर के एनाटॉमी विभाग से संपर्क किया, जहां से उन्हें पूरी प्रक्रिया की जानकारी दी गई, जिससे वह काफी संतुष्ट हुए। उन्होंने बताया कि इस संबंध में जुलाई, 2024 में ही पंजीकरण करवा दिया गया था और सीता राम ने इच्छा प्रकट की थी कि मेडिकल कॉलेज के प्रशिक्षुओं की पढ़ाई के लिए वह देहदान करेंगे। उनका इरादा इतना पक्का था कि मृत्यु से एक दिन पूर्व गत वीरवार को भी उन्होंने परिजनों को हिदायत दी थी कि देहांत के बाद बिना किसी छेड़छाड़ के उनकी पार्थिव देह को सीधा मेडिकल कॉलेज पहुंचाया जाए। 

वहीं शुक्रवार को उनकी पार्थिव देह को परिजनों ने विभाग के डॉ. हरविंदर सिंह के माध्यम से मेडिकल कॉलेज को सौंप दिया। इस अवसर पर मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रमेश भारती ने सीता राम के परिजनों का देहदान के लिए आभार व्यक्त करते हुए उनके परिजनों से बात करके उनके निधन पर शोक प्रकट किया। सीता राम के निधन पर मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू और पूर्व विधायक विजय अग्निहोत्री सहित अन्य नेताओं ने गहरा शोक प्रकट किया है।

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