प्रदेश में बन रही दवाओं के 9 महीनों में हुए 77 सैंपल फेल

Edited By kirti, Updated: 25 Oct, 2019 10:07 AM

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प्रदेश में पिछले 9 महीनों में 77 दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं। हैरानी की बात है कि देश में करीब 286 दवाओं के सैंपल फेल हुए जिनमें 77 दवाएं हिमाचल की हैं। इससे प्रदेश में बन रही दवाओं की गुणवत्ता पर सवालिया निशान खड़ा हो गया है। केंद्रीय दवा मानक...

सोलन (ब्यूरो): प्रदेश में पिछले 9 महीनों में 77 दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं। हैरानी की बात है कि देश में करीब 286 दवाओं के सैंपल फेल हुए जिनमें 77 दवाएं हिमाचल की हैं। इससे प्रदेश में बन रही दवाओं की गुणवत्ता पर सवालिया निशान खड़ा हो गया है। केंद्रीय दवा मानक नियंत्रक संगठन (सी.डी.सी.ओ.) हर माह ड्रग अलर्ट जारी करता है। इसमें औसतन हर चौथी दवा हिमाचल में बन रही है जिसका सैंपल फेल हो रहा है। सबसे बड़े औद्योगिक क्षेत्र बी.बी.एन., परवाणु, सोलन, पांवटा साहिब, कालाअम्ब और संसारपुर टैरेस में कार्यरत कुछ उद्योगों के दवाओं के सैंपल फेल होने के मामले आ रहे हैं।

पिछले कुछ महीनों में 4 उद्योगों की 20 दवाओं के सैंपल हो गए हैं। पांवटा साहिब में स्थित एक उद्योग की 9 दवाओं के सैंपल फेल चुके हैं। इसी तरह परवाणु व बद्दी के एक-एक दवा उद्योग की 4-4 दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं जबकि नालागढ़ के एक दवा उद्योग की 3 दवाइयों के सैंपल फेल हुए हैं। ऐसे उद्योगों की संख्या भी कम नहीं है जिनकी एक से अधिक दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं। सूत्रों का यह भी कहना है कि हिमाचल में बन रही दवाओं की गुणवत्ता में कोई कमी नहीं है। कैमिस्ट या स्टोरों में दवाओं के रखरखाव की उचित व्यवस्था न होने के कारण भी सैंपल फेल हो रहे हैं। इसमें गलती उद्योग की नहीं है।

 

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