Kangra: टैंट हाऊस के गाेदाम में लगी भीषण आग, 80 लाख रुपए के नुक्सान का अनुमान

Edited By Vijay, Updated: 09 Nov, 2025 01:21 PM

massive fire in warehouse of tent house causing estimated loss of rs 80 lakh

कांगड़ा जिला के उपमंडल ज्वालामुखी के फकलोह क्षेत्र में शनिवार देर रात और रविवार सुबह के बीच लगी भीषण आग ने एक परिवार की रोजी-रोटी और सपनों को पलभर में राख कर दिया।

ज्वालामुखी (पंकज): कांगड़ा जिला के उपमंडल ज्वालामुखी के फकलोह क्षेत्र में शनिवार देर रात और रविवार सुबह के बीच लगी भीषण आग ने एक परिवार की रोजी-रोटी और सपनों को पलभर में राख कर दिया। वार्ड नंबर-1 में स्थित टैंट हाऊस के गाेदाम हुई इस अग्निकांड की घटना में प्रारंभिक ताैर पर करीब 80 लाख रुपए के नुक्सान का अनुमान लगाया गया है।

टैंट हाऊस की संचालिका काे फाेन पर मिली सूचना
जानकारी के अनुसार शनिवार देर रात लगी आग का पता रविवार सुबह करीब 5 बजे चला, जब एक व्यक्ति ने टैंट हाऊस की संचालिका समिता चौधरी को फोन पर इसकी सूचना दी। जब तक समिता और अन्य लोग मौके पर पहुंचे, तब तक आग विकराल रूप ले चुकी थी और सब कुछ जलकर राख हो चुका था। आग की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि टैंट हाऊस में रखे टैंट, लगभग 200 बिस्तर, कुर्सियां, टेबल, काऊंटर, मैट, बर्तन, क्रोकरी और अन्य सजावटी सामान पूरी तरह से नष्ट हो चुका था।

फायर ब्रिगेड की टीम ने पाया आग पर काबू
वही घटना की जानकारी मिलते ही ज्वालामुखी से फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर पहुंची, लेकिन पानी का प्रैशर कम होने के कारण आग बुझाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए देहरा से फायर ब्रिगेड की एक और टीम को बुलाया गया, जिसने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह से काबू पाया।

शरारती तत्वाें पर जताई आशंका
पीड़ित समिता चौधरी ने आशंका जताई है कि यह आग किसी शरारती तत्व द्वारा लगाई गई है। उन्होंने बताया कि यह पहली बार नहीं है जब उनके व्यवसाय को निशाना बनाया गया है। कोरोना काल से पहले जब उनका टैंट हाऊस दरंग में था, तब भी किसी ने आग लगाने की कोशिश की थी, लेकिन उस समय रहते आग पर काबू पा लिया गया था।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
समिता चौधरी ने बताया कि पति के निधन के बाद पिछले 5 वर्षाें से वह अकेले ही इस व्यवसाय को संभाल रही थीं। उनके 2 (13 वर्षीय बेटा गीतांश और 10 वर्षीय बेटी रूहानी) बच्चे हैं। समिता चौधरी ने बताया कि उनके लिए ये सिर्फ एक व्यवसाय नहीं, बल्कि उनके और उनके 2 बच्चों (13 वर्षीय बेटे गीतांश और 10 वर्षीय बेटी रूहानी) के भरण-पोषण का एकमात्र सहारा था। इस हादसे ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। वहीं स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस संकट की घड़ी में समिता चौधरी के परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता मुहैया कराई जाए ताकि वे इस भारी नुक्सान से उबरकर अपना जीवन फिर से शुरू कर सकें।

विधायक ने लिया घटनास्थल का जायजा, राहत के दिए निर्देश
उधर, अग्निकांड की सूचना मिलते ही ज्वालामुखी के विधायक संजय रत्न भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का जायजा लिया और पीड़ित परिवार से मिलकर उन्हें सांत्वना दी। विधायक ने तुरंत प्रशासन को निर्देश दिए कि पीड़ित परिवार को तत्काल फौरी राहत और हर संभव सहायता प्रदान की जाए। फिलहाल, पुलिस और प्रशासन आग लगने के सही कारणों की जांच कर रहे हैं।

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