Edited By Jyoti M, Updated: 17 Jan, 2026 10:44 AM

जब पूरी घाटी कड़ाके की ठंड की गिरफ्त में है, तब सलूणी उपमंडल की ग्राम पंचायत मांझली से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ के कुहंड गाँव में कुदरत और किस्मत ने ऐसा कहर बरपाया कि एक गरीब परिवार का बरसों का सपना चंद पलों में धुएं के गुबार में...
सलूणी (चंबा): जब पूरी घाटी कड़ाके की ठंड की गिरफ्त में है, तब सलूणी उपमंडल की ग्राम पंचायत मांझली से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ के कुहंड गाँव में कुदरत और किस्मत ने ऐसा कहर बरपाया कि एक गरीब परिवार का बरसों का सपना चंद पलों में धुएं के गुबार में तब्दील हो गया।
अग्निकांड की दास्तां
ग्रामीण रमेश कुमार के रिहायशी मकान में अचानक आग की लपटें उठने लगीं। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता या आग बुझाने का प्रयास करता, भीषण लपटों ने दो कमरों के पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी भयानक थी कि देखते ही देखते पूरा घर जलकर खाक हो गया।
न केवल मकान, बल्कि रमेश कुमार ने अपने मवेशियों के लिए जो 1000 घास की बेठ (घास का ढेर) जमा की थी, वह भी पूरी तरह जलकर कोयला बन गई। इस बर्बादी ने परिवार के सामने न केवल रहने का संकट खड़ा कर दिया है, बल्कि बेजुबान पशुओं के चारे का सहारा भी छीन लिया है।
प्रशासन की कार्रवाई
हादसे की खबर मिलते ही प्रशासन और पुलिस महकमा सक्रिय हो गया। एसडीएम सलूणी, चन्द्रवीर सिंह ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया:
सूचना मिलते ही राहत टीमों को तुरंत घटनास्थल की ओर रवाना कर दिया गया था।
दमकल विभाग और स्थानीय पुलिस की टीमें मौके पर मौजूद हैं।
वर्तमान में स्थिति को नियंत्रित करने और क्षति का आकलन करने का काम जारी है।
अनसुलझे सवाल और बचाव कार्य
फिलहाल इस विनाशकारी आग लगने की असल वजह क्या थी, यह अभी भी एक पहेली बनी हुई है। अधिकारी आग के कारणों की गहनता से जाँच कर रहे हैं। हालांकि राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी हैं, लेकिन इस अग्निकांड ने पीड़ित परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।