Edited By Kuldeep, Updated: 01 Jan, 2026 10:15 PM

मंडी स्थित मोटर एक्सीडैंट क्लेम ट्रिब्यूनल (तृतीय) ने एक सड़क दुर्घटना मामले में अहम फैसला सुनाते हुए पीड़ित युवक को मुआवजा देने का आदेश दिया है।
मंडी (रजनीश): मंडी स्थित मोटर एक्सीडैंट क्लेम ट्रिब्यूनल (तृतीय) ने एक सड़क दुर्घटना मामले में अहम फैसला सुनाते हुए पीड़ित युवक को मुआवजा देने का आदेश दिया है। ट्रिब्यूनल के पीठासीन अधिकारी ने याचिकाकर्त्ता नील कमल के पक्ष में फैसला सुनाते हुए बीमा कंपनी ओरिएंटल इंश्योरैंस को 68,041 रुपए की मुआवजा राशि देने के निर्देश दिए हैं। कंपनी को यह राशि याचिका दायर करने की तिथि से 7.5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ अदा करनी होगी।
मामले के अनुसार दुर्घटना 18 अक्तूबर, 2020 को दोपहर करीब 2.15 बजे मंडी शहर में संजीवन अस्पताल के पास हुई थी। याचिकाकर्त्ता नील कमल मोटरसाइकिल पर पीछे बैठा हुआ था, जिसे उसका चाचा संजय कुमार चला रहा था। इसी दौरान पीछे से आ रही कार ने तेज रफ्तार और लापरवाही से मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। हादसे में नील कमल को सिर, रीढ़ की हड्डी और पैर में गंभीर चोटें आईं। उसे तुरंत क्षेत्रीय अस्पताल मंडी में भर्ती कराया गया था, जहां से हालत गंभीर होने पर आईजीएमसी शिमला रैफर किया गया था।
ट्रिब्यूनल ने गवाहों के बयान, एफआईआर और मैडीकल रिकार्ड का अवलोकन करने के बाद यह निष्कर्ष निकाला कि दुर्घटना कार चालक की तेज गति व लापरवाही कारण हुई। याचिकाकर्त्ता ने स्थायी विकलांगता का दावा भी किया था, लेकिन इसके समर्थन में ठोस साक्ष्य पेश न होने के कारण ट्रिब्यूनल ने इस मांग को खारिज कर दिया। ट्रिब्यूनल ने यह भी स्पष्ट किया कि दुर्घटनाग्रस्त वाहन का बीमा और चालक का ड्राइविंग लाइसैंस वैध पाया गया है। ऐसे में मुआवजे की पूरी राशि अदा करने की जिम्मेदारी बीमा कंपनी पर तय की गई है।