Edited By Jyoti M, Updated: 06 Mar, 2026 12:11 PM

मनाली के करजां गांव में एक आशियाना अचानक आग की लपटों से घिर गया। देवदार की महक और पत्थर की कलाकारी वाली काष्ठकुणी शैली का यह मकान देखते ही देखते दहक उठा, लेकिन ग्रामीणों के साहस और दमकल विभाग की फुर्ती ने एक बड़े विनाश को होने से रोक लिया।
हिमाचल डेस्क। मनाली के करजां गांव में एक आशियाना अचानक आग की लपटों से घिर गया। देवदार की महक और पत्थर की कलाकारी वाली काष्ठकुणी शैली का यह मकान देखते ही देखते दहक उठा, लेकिन ग्रामीणों के साहस और दमकल विभाग की फुर्ती ने एक बड़े विनाश को होने से रोक लिया।
आधी रात को मचा हड़कंप
देर रात जब गांव के लोग अपने घरों में विश्राम की तैयारी कर रहे थे, तभी निहाल चंद के घर की ऊपरी मंजिल से आग की ऊंची लपटें उठती देख चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही मनाली और पतलीकूहल से दमकल की गाड़ियां मौके पर रवाना हुईं। संकरी गलियों और रात के अंधेरे के बावजूद ग्रामीणों ने अपनी एकजुटता दिखाते हुए आग पर काबू पाने की कोशिशें शुरू कर दीं।
नुकसान और राहत का ब्यौरा
इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में मकान का ऊपरी हिस्सा काफी हद तक क्षतिग्रस्त हो गया है। प्रारंभिक आकलन के अनुसार मकान मालिक निहाल चंद को करीब 6 लाख रुपये का वित्तीय नुकसान झेलना पड़ा है।
राहत की बात यह है कि आग को फैलने से रोक लिया गया, जिससे पड़ोस के घरों और आसपास की लगभग 50 लाख रुपये की संपत्ति सुरक्षित बचा ली गई। इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई है, जो कि सबसे बड़ी राहत की बात रही।
प्रशासन की कार्रवाई
मनाली अग्निशमन केंद्र के प्रभारी सरनपत ने पुष्टि की कि टीम ने समय रहते मोर्चा संभाल लिया था, जिससे एक बड़ा रिहायशी इलाका राख होने से बच गया। हालांकि, आग लगने के असली कारणों का अभी खुलासा नहीं हो पाया है और विभाग इसकी गहनता से जांच कर रहा है।