Edited By Vijay, Updated: 07 Jan, 2026 07:00 PM

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) बिलासपुर में इलाज के लिए आने वाले मरीजों और उनके परिजनों के लिए राहत भरी खबर है। अब एम्स तक पहुंचना और भी सुगम होगा।
बिलासपुर (बंशीधर): अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) बिलासपुर में इलाज के लिए आने वाले मरीजों और उनके परिजनों के लिए राहत भरी खबर है। अब एम्स तक पहुंचना और भी सुगम होगा। शिमला-मटौर राष्ट्रीय राजमार्ग (फोरलेन) से एम्स परिसर को सीधी कनैक्टिविटी देने के लिए जल्द ही निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। इसका उद्देश्य एम्बुलैंस और मरीजों को बिना किसी बाधा के अस्पताल तक सुरक्षित पहुंचाना है। इस महत्वपूर्ण परियोजना की रूपरेखा हाल ही में दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा की अध्यक्षता में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में तैयार की गई। बैठक में एम्स के शीर्ष प्रबंधन, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अधिकारियों सहित बिलासपुर के डीसी राहुल कुमार और एसडीएम सदर डॉ. राजदीप सिंह मौजूद रहे।
सर्विस लेन से मिलेगी सीधी एंट्री
बैठक में सबसे अहम फैसला कनेक्टिविटी को लेकर लिया गया। तय किया गया कि एम्स परिसर से गुजर रहे शिमला-मटौर फोरलेन से एम्स और वहां स्थित विश्राम सदन तक सुचारू आवागमन के लिए एक सर्विस लेन की व्यवस्था की जाएगी। इससे मरीजों, तीमारदारों और एम्बुलेंस चालकों को जाम या असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा और वे सीधे अस्पताल परिसर में प्रवेश कर सकेंगे।
पार्किंग की समस्या का भी निकलेगा हल
भविष्य में एम्स में बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए अभी से तैयारियों पर जोर दिया गया है। बैठक में एम्स परिसर के पास पर्याप्त और व्यवस्थित पार्किंग स्थल विकसित करने की संभावनाओं पर गंभीरता से विचार किया गया, ताकि तीमारदारों को वाहन खड़ा करने में परेशानी न हो।
केंद्रीय विद्यालय के लिए जमीन चिन्हित
कनैक्टिविटी के अलावा एम्स क्षेत्र में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना पर भी चर्चा हुई। डीसी राहुल कुमार ने केंद्रीय मंत्री को अवगत करवाया कि विद्यालय के लिए भूमि चिन्हित कर ली गई है। वर्तमान में यह मामला एफसीए क्लीयरैंस के चरण में है। मंजूरी मिलते ही आगे की कार्ययोजना पर काम शुरू कर दिया जाएगा।
तीनों विभागों में होगा समन्वय
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने एनएचएआई, एम्स प्रशासन और बिलासपुर जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि वे आपसी समन्वय के साथ काम करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि एम्स की वर्तमान और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आधारभूत ढांचे को मजबूत किया जाए, ताकि यह संस्थान स्वास्थ्य सेवाओं का एक उत्कृष्ट मॉडल बन सके।