Edited By Jyoti M, Updated: 20 Jan, 2026 10:26 AM

पड़ोसी राज्य जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में हुई हालिया आतंकी मुठभेड़ की गूँज अब हिमाचल प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों में भी सुनाई दे रही है। दहशतगर्दों की तलाश में जुटी सुरक्षा एजेंसियों की मुस्तैदी के बीच, चंबा प्रशासन ने अपनी सीमाओं पर सुरक्षा का...
हिमाचल डेस्क। पड़ोसी राज्य जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में हुई हालिया आतंकी मुठभेड़ की गूँज अब हिमाचल प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों में भी सुनाई दे रही है। दहशतगर्दों की तलाश में जुटी सुरक्षा एजेंसियों की मुस्तैदी के बीच, चंबा प्रशासन ने अपनी सीमाओं पर सुरक्षा का अभेद्य घेरा तैयार कर लिया है। आतंकियों की संभावित घुसपैठ को रोकने के लिए जिले के प्रवेश द्वारों को पूरी तरह से चौकस कर दिया गया है।
सीमाओं पर 'लोहे की दीवार', हर गतिविधि पर पैनी नज़र
जम्मू-कश्मीर के डोडा और कठुआ जैसे संवेदनशील इलाकों से सटी चंबा की करीब 216 किलोमीटर लंबी सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद कर दिया गया है। पुलिस अधीक्षक (SP) विजय सकलानी ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि बॉर्डर पर तैनात जवान अब 'फुल अलर्ट मोड' पर रहेंगे।
सुरक्षा चक्र को मजबूत करने के लिए उठाए गए कदम:
नाकाबंदी और चेकिंग: जम्मू की तरफ से डोडा-किश्तवाड़ मार्ग होकर आने वाली हर छोटी-बड़ी गाड़ी की बारीकी से तलाशी ली जा रही है।
गश्त में इजाफा: दुर्गम और संवेदनशील रास्तों पर पुलिस की पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है ताकि कोई भी संदिग्ध हलचल बच न सके।
त्वरित रिपोर्टिंग: फील्ड पर तैनात कर्मचारियों को आदेश दिए गए हैं कि किसी भी संदेहास्पद व्यक्ति या वस्तु के दिखने पर बिना देरी किए उच्च अधिकारियों को सूचित करें।
दहशतगर्दों की तलाश और चंबा का सुरक्षा कवच
रविवार को किश्तवाड़ में हुई हिंसक घटना के बाद तीन आतंकियों के फरार होने की खबर है। सेना और विभिन्न सुरक्षा एजेंसियां उनकी धर-पकड़ के लिए अभियान चला रही हैं। इसी के मद्देनजर, चंबा पुलिस कोई भी जोखिम नहीं उठाना चाहती। जिले की भौगोलिक स्थिति जम्मू-कश्मीर से सीधे जुड़े होने के कारण, यहाँ की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखा गया है।
प्रशासन का रुख: पुलिस अधीक्षक विजय सकलानी ने पुष्टि की है कि सरहद पर सुरक्षा घेरा बढ़ाना अनिवार्य है। उन्होंने जवानों को सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के कड़े निर्देश दिए हैं।