Edited By Swati Sharma, Updated: 05 Apr, 2026 09:34 AM

Shimla News : हिमाचल प्रदेश में दूध उत्पादक किसानों को अब हर महीने औसतन 34.18 करोड़ रुपए का लाभ मिल रहा है, जो अब तक का सबसे अधिक है। सरकार के एक प्रवक्ता ने शनिवार को यहां एक बयान में यह बात कही। प्रवक्ता ने कहा कि राज्य दुग्ध संघ किसानों से...
Shimla News : हिमाचल प्रदेश में दूध उत्पादक किसानों को अब हर महीने औसतन 34.18 करोड़ रुपए का लाभ मिल रहा है, जो अब तक का सबसे अधिक है। सरकार के एक प्रवक्ता ने शनिवार को यहां एक बयान में यह बात कही।
प्रवक्ता ने कहा कि राज्य दुग्ध संघ किसानों से प्रतिदिन लगभग 2.70 लाख लीटर दूध खरीद रहा है। सरकार के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 में राज्य दुग्ध संघ किसानों से प्रतिदिन औसतन 1.57 लाख लीटर दूध खरीद रहा था। दुग्ध संघ किसानों के घर तक पहुंचकर दूध संग्रह कर रहा है, जिससे दूरदराज के छोटे और सीमांत किसानों को विशेष लाभ मिल रहा है। सरकार ने पिछले तीन वर्षों में दूध के खरीद मूल्य में लगातार बढ़ोतरी की है।
वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में गाय के दूध का मूल्य 61 रुपये प्रति लीटर और भैंस के दूध का 71 रुपये प्रति लीटर निर्धारित किया गया है। दुग्ध क्षेत्र में किए गए सुधारों के कारण गांवों में दुग्ध समितियों से जुड़ने वाले लोगों की संख्या बढ़ी है। पिछले तीन वर्षों में यह संख्या 27,498 से बढ़कर 39,790 हो गई है, जबकि सक्रिय दुग्ध सहकारी समितियां 583 से बढ़कर 758 हो गई हैं। सरकार दूध उत्पादक समूहों और महिला स्वयं सहायता समूहों को भी बढ़ावा दे रही है। इससे दूध उत्पादन बढ़ने के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के स्थायी अवसर भी पैदा हो रहे हैं।