अनाथ बच्चों की शादी का खर्च उठाएगी हिमाचल सरकार, जानें 'सुख आश्रय' योजना के तहत कितनी मिलती है वित्तीय मदद?

Edited By Jyoti M, Updated: 21 Sep, 2025 04:32 PM

himachal government will bear the expenses of marriage of orphan children

हिमाचल प्रदेश के 'चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट' की शादी का खर्च भी अब प्रदेश सरकार उठा रही है। प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना से चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट को काफी लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के तहत जिन बच्चों के अभिभावक नहीं है, उनकी शादी के...

हिमाचल डेस्क। हिमाचल प्रदेश के 'चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट' की शादी का खर्च भी अब प्रदेश सरकार उठा रही है। प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना से चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट को काफी लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के तहत जिन बच्चों के अभिभावक नहीं है, उनकी शादी के लिए प्रदेश सरकार द्वारा 02 लाख रुपए की वित्तीय सहायता मुहैया करवाई जाती है।

इस राशि में से 60 हजार रुपए की राशि एफडी के तौर पर रखी जाती है जोकि भविष्य में आवश्यकता पड़ने पर इस्तेमाल की जा सकेगी। जिला शिमला में इस वित्तीय वर्ष में अभी तक 05 चिल्ड्रन आफ द स्टेट को वित्तीय सहायता जारी की चुकी है जबकि हिमाचल प्रदेश में ऐसे कुल 227 लाभार्थी है।

केस नंबर 1

जिला शिमला के जुब्बल खंड के तहत कोठी गांव डाकघर हिमरी की रहने वाली विभूति मस्ताना के माता पिता का देहांत कुछ समय पहले हो गया था। मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के बारे में जब विभूमि को जानकारी मिली तो उसके सारे दस्तावेजों के साथ योजना के तहत आवेदन कर दिया। शादी होने से पूर्व तक हर माह विभूति को 04 हजार रुपये प्रतिमाह मिल रहे थे। इसी बीच विभूति का रिश्ता हो गया और विभूति ने मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के तहत विवाह के लिए वित्तीय सहायता हेतु आवेदन किया। सारी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उन्हें 02 लाख रुपये की वित्तीय सहायता मिली।

विभूति ने जानकारी देते हुए कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना काफी मददगार साबित हो रही है। माता पिता के बिना जिंदगी में किन चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, यह बात सिर्फ वही जानते है जिनके माता इस दुनिया में अब नहीं है। ऐसी परिस्थति में प्रदेश सरकार की ऐसी योजना लागू होना और ऐसे बच्चों को चिल्ड्रन आफ द स्टेट के तौर पर अपनाकर उनका भविष्य संवारना काफी बड़ी बात है। मेरी शादी पर जो वित्तीय सहायता मुझे दी गई है उससे मेरी चिंता समाप्त हो गई है। मेरे पास अब इस राशि में से 60 हजार रुपये की एफडी भी है जिसे भविष्य में कभी जरूरत के समय मैं इस्तेमाल कर पाउंगी। मैं इस योजना के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री का विशेष आभार व्यक्त करती हूं।

केस नंबर 2 

शिमला ग्रामीण की रहने वाली पूजा ठाकुर के माता पिता का बचपन में ही देहांत हो चुका था। बचपन से पूजा और उसके बड़े भाई का पालनपोषण उनकी सगी चाची करती आ रही है। जब प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना को आरंभ किया तो पूजा ठाकुर ने योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन कर दिया। सारे आवश्यक दस्तावेज सही होने के बाद उन्हें मासिक 4 हजार रुपये की वित्तीय सहायता मिलना आरंभ हो गई। जमा दो तक की पढ़ाई भी पूजा ने कर ली है।

इसी दौरान पूजा का रिश्ता खेम चंद से हो गया। योजना के तहत पूजा को शादी के लिए 02 लाख रुपए की वित्तीय सहायता प्रदान की गई। पूजा ने जानकारी देते हुए कहा कि 02 लाख रुपए उनके लिए बहुत बड़ी राशि है। अगर सरकार की योजना लागू न हुई होती तो बड़ी मुश्किल से शादी का खर्च कर्ज उठाकर करना पड़ता। लेकिन सरकार की योजना से काफी अच्छे तरीके से शादी के खर्च की व्यवस्था हो गई। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने बेहतरीन योजना समाज में चलाई है। हमें उम्मीद है की सरकार आगे भी इसी तरह की योजनाएं निरंतर समाज हित में चलाती रहेगी। 

क्या है मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना

हिमाचल प्रदेश की सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार ने 2023 में मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना शुरू की थी। इस योजना के तहत सरकार ने 4100 से अधिक बच्चों को गोद लिया है। मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के अंतर्गत अनाथ, अर्ध-अनाथ और विशेष रूप से सक्षम, निराश्रित महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों को शामिल किया गया था। इस योजना के तहत इनको हर संभव सहायता का प्रावधान किया गया है। इसके तहत अनाथ और त्याग किए गए बच्चों को सरकार द्वारा 14 वर्ष की आयु तक 1,000 रुपये की मासिक सहायता और 18 वर्ष की आयु तक 2,500 रुपये प्रतिमाह मिलता है।

इसके अतिरिक्त, बच्चों को 27 वर्ष की आयु तक हर महीने 4,000 रुपये की पॉकेट मनी भी प्रावधान है। राज्य सरकार 27 वर्ष की आयु तक उनकी उच्च शिक्षा का पूरा खर्च वहन करेगी और छात्रावास उपलब्ध न होने पर पीजी खर्च के लिए 3,000 रुपये उपलब्ध कराएगी। इसके साथ ही पढ़ाई, बिजनेस और स्टार्ट-अप के लिए, घर बनाने और शादी करने के लिए भी आर्थिक सहायता देने का प्रावधान है। शादी करने के लिए 02 लाख रुपये की वित्तीय सहायता की जाती है।

जिला में 05 लाभार्थियों को दी सहायता - उपायुक्त

उपायुक्त अनुपम कश्यप ने जानकारी देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना प्रदेश सरकार की सबसे अहम योजनाओं में से एक है। जिन बच्चों के माता पिता इस दुनिया में नहीं है, उनकी माता पिता अब प्रदेश सरकार है। उनकी शिक्षा, घर, शादी और रहन सहन का सारा खर्च 27 वर्ष की उम्र तक प्रदेश सरकार चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट के तौर पर उठा रही है। जिला में अभी तक 05 चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट को विवाह के लिए वित्तीय सहायता दी गई है।

 

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