सरकार ने तय किया सिलिंडर का नया 'कोटा', जानें किसे मिलेगी कितनी गैस ?

Edited By Jyoti M, Updated: 24 Mar, 2026 10:42 AM

himachal government sets new cylinder  quota  find out who gets how much gas

केंद्र सरकार और पेट्रोलियम मंत्रालय ने देशभर में व्यावसायिक एलपीजी वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए नए दिशा-निर्देश लागू कर दिए हैं। अब शादी-विवाह, धार्मिक आयोजन, भंडारे और मेलों जैसे सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए व्यावसायिक सिलिंडर प्राप्त...

हिमाचल डेस्क। केंद्र सरकार और पेट्रोलियम मंत्रालय ने देशभर में व्यावसायिक एलपीजी वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए नए दिशा-निर्देश लागू कर दिए हैं। अब शादी-विवाह, धार्मिक आयोजन, भंडारे और मेलों जैसे सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए व्यावसायिक सिलिंडर प्राप्त करने हेतु उपभोक्ताओं को जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक के पास लिखित आवेदन करना होगा।

इस प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए जिला उपायुक्त की अध्यक्षता में एक विशेष कमेटी का गठन किया गया है, जो आवेदनों की सत्यता की जांच करने के बाद ही सिलिंडर आवंटन को मंजूरी देगी।

आवंटन हेतु कोटा निर्धारित

सरकार ने विभिन्न क्षेत्रों के लिए सिलिंडर वितरण का कोटा तय कर दिया है। इसमें सर्वाधिक प्राथमिकता शिक्षण संस्थानों को दी गई है, जिनके लिए 37 फीसदी कोटा आरक्षित है। होटलों और रेस्टोरेंट के लिए 36 फीसदी, जबकि सामाजिक समारोहों, दवा उद्योगों और सरकारी कैंटीन के लिए 9-9 प्रतिशत का कोटा निर्धारित किया गया है। धार्मिक आयोजनों के लिए भी 9 फीसदी आपूर्ति सुरक्षित रखी गई है। कमेटी कार्यक्रम के आकार और जरूरत के आधार पर सिलिंडरों की संख्या तय करेगी, ताकि जमाखोरी और दुरुपयोग पर लगाम कसी जा सके।

बढ़ती मांग को देखते हुए 20 फीसदी अतिरिक्त कोटा

व्यावसायिक गैस की कमी और बढ़ती मांग को देखते हुए सरकार ने राज्यों को 20 प्रतिशत अतिरिक्त आवंटन की अनुमति दी है। इससे होटल, डेयरी और औद्योगिक इकाइयों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, इस अतिरिक्त कोटे का लाभ उठाने के लिए 19 किलोग्राम वाले सिलिंडर के उपभोक्ताओं को तेल कंपनियों में पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। पंजीकरण के लिए आवश्यक दस्तावेजों के साथ गैस एजेंसी या ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन किया जा सकता है।

पारदर्शिता और निगरानी पर जोर

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, सिलिंडरों की कोई कमी नहीं है, लेकिन सुचारू वितरण सुनिश्चित करने और बंदरबांट रोकने के लिए यह सख्त कदम उठाए गए हैं। जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक के मुताबिक, जो उपभोक्ता अतिरिक्त गैस की मांग कर रहे हैं, उनके लिए पीएनजी (PNG) कनेक्शन हेतु आवेदन करना भी अनिवार्य किया गया है। प्रशासन अब इस बात की कड़ी निगरानी रखेगा कि व्यावसायिक सिलिंडरों का आवंटन केवल वास्तविक जरूरतों और निर्धारित नियमों के तहत ही हो।

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