Edited By Jyoti M, Updated: 26 Mar, 2026 03:45 PM

हिमाचल प्रदेश सरकार ने कांगड़ा जिले के प्रसिद्ध ट्रैकिंग रूट त्रियुंड (Triund) के प्रबंधन में बड़ा बदलाव करने का फैसला किया है। अब इस ट्रैक की देखरेख वन विभाग के बजाय निजी ऑपरेटरों (Private Operators) द्वारा की जाएगी।
हिमाचल डेस्क। हिमाचल प्रदेश सरकार ने कांगड़ा जिले के प्रसिद्ध ट्रैकिंग रूट त्रियुंड (Triund) के प्रबंधन में बड़ा बदलाव करने का फैसला किया है। अब इस ट्रैक की देखरेख वन विभाग के बजाय निजी ऑपरेटरों (Private Operators) द्वारा की जाएगी। इस व्यवस्था को लागू करने के लिए वन विभाग ने टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसकी निविदाएं 27 मार्च को खोली जाएंगी। इसके बाद ही तय होगा कि ट्रैक और पर्यटकों की एंट्री का जिम्मा किस निजी ऑपरेटर को सौंपा जाएगा।
पर्यटकों के लिए तय शुल्क और नियम
नए नियमों के अनुसार, त्रियुंड जाने वाले पर्यटकों को गलू चेक पोस्ट पर अपनी एंट्री करानी होगी। इसके लिए कुछ निर्धारित शुल्क तय किए गए हैं। एंट्री फीस प्रति पर्यटक 100 रुपये देने होंगे। यदि कोई पर्यटक वहां टेंट लगाना चाहता है, तो उसे 275 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से भुगतान करना होगा।
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि ये दरें विभाग द्वारा तय की गई हैं, जिन्हें निजी ऑपरेटर अपनी मर्जी से बढ़ा नहीं सकेंगे। हालांकि, जिन स्थानीय लोगों के पास इस क्षेत्र के पारंपरिक अधिकार (Right holders) हैं, उनसे कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।
सुरक्षा और समय सीमा
ट्रैक पर पर्यटकों की सुरक्षा और निगरानी को पुख्ता करने के लिए वन विभाग ने 25 वॉकी-टॉकी सेट खरीदे हैं। पर्यटकों की आवाजाही के लिए समय भी निर्धारित किया गया है।
गर्मियों में सुबह 8:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक एंट्री होगी। सर्दियों में सुबह 9:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक एंट्री होगी। इस नई व्यवस्था से सरकार के पास त्रियुंड जाने वाले पर्यटकों का सटीक आंकड़ा रहेगा और ट्रैक के रखरखाव में भी सुधार होने की उम्मीद है।