Edited By Vijay, Updated: 08 May, 2026 05:40 PM

हिमाचल प्रदेश की एक और होनहार बेटी ने भारतीय सेना में लैफ्टिनैंट बनकर पूरे प्रदेश, जिले और अपने क्षेत्र का नाम स्वर्णाक्षरों में दर्ज करवा दिया है। कांगड़ा जिले के नगरोटा बगवां की प्रकृति सूद ने सेना में स्थायी कमीशन प्राप्त किया है।
नगरोटा बगवां (दुसेजा): हिमाचल प्रदेश की एक और होनहार बेटी ने भारतीय सेना में लैफ्टिनैंट बनकर पूरे प्रदेश, जिले और अपने क्षेत्र का नाम स्वर्णाक्षरों में दर्ज करवा दिया है। कांगड़ा जिले के नगरोटा बगवां की प्रकृति सूद ने सेना में स्थायी कमीशन प्राप्त किया है। उनकी यह शानदार उपलब्धि न केवल उनके परिवार के लिए, बल्कि समूचे क्षेत्र के युवाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा बन गई है।
23 वर्षीय प्रकृति सूद ने यह मुकाम हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत की है। उन्होंने कठोर प्रशिक्षण और अनुशासन की कठिन परीक्षाओं को सफलतापूर्वक पार करते हुए भारतीय सैन्य नर्सिंग सेवा के बेंगलुरु स्थित कमांड अस्पताल से अपना 4 वर्ष का प्रशिक्षण पूरा किया। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद 8 मई को बेंगलुरु में पासिंग आऊट परेड में भारतीय वायु सेना के उप प्रमुख एयर मार्शल नरेश सैदा ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और प्रकृति को अधिकारी के रूप में भारतीय सेना में सम्मिलित किया। बेटी के सेना में लैफ्टिनैंट बनने पर परिवार में जश्न का माहौल है और पूरे क्षेत्र से उन्हें बधाइयां मिल रही हैं।
माता-पिता हैं शिक्षक, भाई है नैशनल खिलाड़ी
प्रकृति एक शिक्षित और प्रतिभावान परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उनके पिता मनीष सूद नगरोटा बगवां के वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में प्रवक्ता के पद पर कार्यरत हैं, जबकि उनकी माता रोजी सूद राजकीय उच्च विद्यालय रौंखर में अध्यापिका हैं। खास बात यह है कि इस परिवार की प्रतिभा केवल शिक्षा और सेना तक सीमित नहीं है, बल्कि खेलों में भी इनका दबदबा है। प्रकृति का छोटा भाई एक राष्ट्रीय स्तर का होनहार टेबल टेनिस खिलाड़ी है। वह पिछले 8 वर्षों से लगातार राष्ट्रीय स्तर पर हिमाचल प्रदेश का नेतृत्व कर रहा है और अब तक 15 से अधिक राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अपना दमखम दिखा चुका है।
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