Edited By Jyoti M, Updated: 07 Apr, 2026 05:25 PM

हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार ने सरकारी महकमों में रिटायरमेंट के बाद मिलने वाले सेवा विस्तार (Extension) और पुनर्नियुक्ति (Re-employment) पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी है। मंगलवार को कार्मिक विभाग ने इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी कर दिए हैं।
हिमाचल डेस्क। हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार ने सरकारी महकमों में रिटायरमेंट के बाद मिलने वाले सेवा विस्तार (Extension) और पुनर्नियुक्ति (Re-employment) पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी है। मंगलवार को कार्मिक विभाग ने इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी कर दिए हैं।
अब नहीं भेजे जाएंगे नए प्रस्ताव
सरकार द्वारा जारी नए निर्देशों के अनुसार, अब कोई भी प्रशासनिक विभाग रिटायर हो रहे अधिकारियों या कर्मचारियों के सेवा विस्तार का प्रस्ताव सरकार को नहीं भेजेगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में ऐसे किसी भी आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा। सभी विभागों को इन आदेशों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
वर्तमान में कार्यरत कर्मचारियों का क्या होगा?
सरकार ने यह भी साफ किया है कि जो कर्मचारी वर्तमान में सेवा विस्तार या पुनर्नियुक्ति पर काम कर रहे हैं, उन्हें हटाया नहीं जाएगा। वे अपनी तय अवधि (Tenure) पूरी होने तक पद पर बने रहेंगे। कार्यकाल खत्म होते ही उन्हें कार्यमुक्त कर दिया जाएगा।
क्यों लिया गया यह फैसला?
हिमाचल प्रदेश में पिछले काफी समय से रिटायर्ड अफसरों को बार-बार सेवा विस्तार देने पर सुक्खू सरकार की आलोचना हो रही थी। हाल ही में एक मंत्री की बेटी को शिक्षक के पद पर सेवा विस्तार देने और फिर उन्हें प्रमोट कर प्रिंसिपल बनाए जाने पर काफी विवाद हुआ था। विपक्ष और बेरोजगार युवाओं के बढ़ते विरोध को देखते हुए सरकार ने अब इस प्रथा को पूरी तरह बंद करने का निर्णय लिया है।