देवदूत बने 108 कर्मचारी: एंबुलेंस में गूंजी किलकारी, सूझबूझ से बचाई मां-बच्चे की जान

Edited By Jyoti M, Updated: 28 Mar, 2026 01:18 PM

himachal baby s cries echo in ambulance mother and child s lives saved

हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में 108 एंबुलेंस सेवा के कर्मचारियों ने अपनी कुशलता से एक प्रसूता की जान बचाई और सुरक्षित प्रसव करवाया। दरअसल, चुराह के टटरोग गांव की रहने वाली एक महिला को प्रसव पीड़ा होने पर परिजनों ने उन्हें तीसा अस्पताल पहुँचाया था।

हिमाचल डेस्क। हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में 108 एंबुलेंस सेवा के कर्मचारियों ने अपनी कुशलता से एक प्रसूता की जान बचाई और सुरक्षित प्रसव करवाया। दरअसल, चुराह के टटरोग गांव की रहने वाली एक महिला को प्रसव पीड़ा होने पर परिजनों ने उन्हें तीसा अस्पताल पहुँचाया था। वहां महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें मेडिकल कॉलेज चंबा के लिए रेफर कर दिया।

जब एंबुलेंस तीसा से करीब आठ किलोमीटर दूर चिल्ली नामक स्थान पर पहुँची, तो महिला का दर्द असहनीय हो गया। एंबुलेंस में तैनात ईएमटी (EMT) रमेश कुमार और पायलट गुलाम हुसैन ने स्थिति की गंभीरता को भांप लिया। समय की कमी और महिला की हालत देखते हुए उन्होंने परिजनों की सहमति ली और फोन के माध्यम से डॉक्टरों से परामर्श लेते हुए एंबुलेंस में ही प्रसव प्रक्रिया शुरू करने का फैसला किया।

कर्मचारियों के इस साहसी निर्णय और सूझबूझ के चलते महिला ने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया। राहत की बात यह है कि मां और नवजात शिशु दोनों पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ हैं। सफल प्रसव के बाद दोनों को वापस तीसा अस्पताल में भर्ती कराया गया है। स्थानीय लोगों और परिजनों ने एंबुलेंस टीम की इस तत्परता की काफी सराहना की है।

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