Edited By Vijay, Updated: 17 Apr, 2026 10:39 PM

हाईकोर्ट ने माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर न्यास की संपत्तियों के दुरुपयोग पर संज्ञान लिया है। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश बीसी नेगी की खंडपीठ ने ट्रस्ट के धन से ली गई गाड़ी....
शिमला (मनोहर): हाईकोर्ट ने माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर न्यास की संपत्तियों के दुरुपयोग पर संज्ञान लिया है। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश बीसी नेगी की खंडपीठ ने ट्रस्ट के धन से ली गई गाड़ी, जिसका उपयोग डीसी ऊना द्वारा किया जा रहा है और मंदिर को दान की गई गाड़ी, जिसका उपयोग पुलिस विभाग द्वारा किया जा रहा है, को जब्त करने के आदेश जारी किए हैं। कोर्ट ने याचिकाकर्त्ता अंकुर कालिया द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के पश्चात मुख्य सचिव सहित प्रधान सचिव (भाषा, कला एवं संस्कृति) व सह मुख्य आयुक्त (मंदिर) को नोटिस जारी किया है। याचिकाकर्त्ता ने जतिन लाल उपायुक्त ऊना एवं सह-आयुक्त मंदिर प्रबंधन समिति/मंदिर न्यास माता श्री चिंतपूर्णी और राघव शर्मा, आईएएस (तत्कालीन उपायुक्त ऊना एवं सह-आयुक्त मंदिर प्रबंधन समिति माता श्री चिंतपूर्णी जो वर्तमान में निदेशक पंचायती राज विभाग हैं, को भी प्रतिवादी बनाया है।
प्रार्थी ने मांग की है कि प्रतिवादी जतिन लाल जिलाधीश ऊना को मंदिर के कोष से खरीदी गई टोयोटा इनोवा क्रिस्टा गाड़ी के किसी भी प्रयोजन के लिए उपयोग करने से रोका जाए और यह निर्देश दिया जाए कि उक्त वाहन को जब्त करके अंतिम आदेशों के अधीन रहते हुए सुरक्षित अभिरक्षा में रखा जाए। प्रार्थी ने मांग की है कि प्रतिवादियों को निर्देश दिया जाए कि वे माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर ट्रस्ट की सभी चल और अचल संपत्तियों के संबंध में यथास्थिति बनाए रखें। न्यायालय की पूर्व अनुमति के बिना मंदिर की किसी भी संपत्ति को किसी और को देने, हस्तांतरित करने, बेचने, दान करने और किसी अन्य तरीके से उसका निपटारा करने पर रोक लगाने की मांग भी की गई है। प्रतिवादी राघव शर्मा को 30 लाख रुपए की राशि का एक व्यक्तिगत बॉन्ड पेश करने के आदेश की मांग भी की गई है, जिसमें यह वचन दिया गया हो कि यदि हाईकोर्ट अंततः उन्हें व्यक्तिगत रूप से उत्तरदायी ठहराता है तो वह 2,29,75,428 रुपए की राशि को ब्याज सहित अपने निजी कोष से चुकाएंगे।
प्रतिवादियों को 2022-24 की अवधि के लिए सभी वाहनों जिनमें मारुति सुजुकी और टाटा सफारी शामिल हैं, की मूल लॉगबुक पेश करने के आदेश की मांग भी की गई है। प्रतिवादियों को 'माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर ट्रस्ट' के स्वामित्व या नियंत्रण में वर्तमान में मौजूद सभी वाहनों की सूची प्रस्तुत करने के साथ-साथ उनके वर्तमान उपयोग, रखरखाव के रिकॉर्ड और जिस प्राधिकार के तहत उनका संचालन किया जा रहा है, उससे संबंधित विवरण भी उपलब्ध करवाने के आदेश की मांग की गई है, ताकि मंदिर के संसाधनों के उपयोग में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके। प्रार्थी ने ट्रस्ट की संपत्तियों का दुरुपयोग करने और हाईकोर्ट के निर्देशों की अवहेलना के आरोप लगाए हैं।
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