गुड़िया दुष्कर्म मामले में सीबीआई को हाईकोर्ट का नोटिस

Edited By Vijay, Updated: 06 Jan, 2021 12:07 AM

high court notice to cbi in gudiya rape case

प्रदेश हाईकोर्ट ने गुड़िया दुष्कर्म मामले की जांच पुन: करवाए जाने की मांग को लेकर दायर याचिका में सीबीआई को नोटिस जारी किया। मुख्य न्यायाधीश लिंगप्पा नारायण स्वामी व न्यायाधीश अनूप चिटकारा की खंडपीठ ने मामले की प्रारंभिक सुनवाई के पश्चात सीबीआइ को...

शिमला (मनोहर): प्रदेश हाईकोर्ट ने गुड़िया दुष्कर्म मामले की जांच पुन: करवाए जाने की मांग को लेकर दायर याचिका में सीबीआई को नोटिस जारी किया। मुख्य न्यायाधीश लिंगप्पा नारायण स्वामी व न्यायाधीश अनूप चिटकारा की खंडपीठ ने मामले की प्रारंभिक सुनवाई के पश्चात सीबीआइ को नोटिस जारी किया। उल्लेखनीय है कि सर्वोच्च न्यायालय में भी प्रार्थी ने इस मामले की पुन: विस्तृत जांच के लिए याचिका दायर की थी। सर्वोच्च न्यायालय ने प्रार्थी को याचिका वापस लेने की अनुमति प्रदान करते हुए हिमाचल हाईकोर्ट में याचिका दायर अपना पक्ष रखने की इजाजत दी थी। सर्वोच्च न्यायालय का कहना था कि जब हाईकोर्ट द्वारा मामले पर स्वत: संज्ञान लेते हुए इसकी जांच के लिए सीबीआई को नियुक्त किया था तो इस स्थिति में यह उचित होगा कि प्रार्थी हाईकोर्ट के समक्ष अपना पक्ष रखे। प्रार्थी द्वारा हिमाचल हाईकोर्ट दायर याचिका में सीबीआई द्वारा की गई जांच में खामियों को उजागर करते हुए इसकी जांच पुन: करवाने की मांग की गई है। कोर्ट ने सीबीआई से 6 सप्ताह के भीतर जवाब तलब किया है। मामले पर अगली सुनवाई 2 मार्च को होगी।

मंडी जिला के धर्मपुर ब्लॉक मामले में राज्य सरकार को नोटिस

उधर, प्रदेश हाईकोर्ट ने मंडी जिला के धर्मपुर विकास खंड में पंचायती चुनावों पर पुन: रोक लगाने की गुहार को लेकर आवेदन पर सरकार को नोटिस जारी किया। कोर्ट ने सरकार को इस आवेदन का जवाब शुक्रवार तक देने के आदेश जारी किए। मामले पर अगली सुनवाई शुक्रवार को निर्धारित की गई है। प्रार्थी पवन कुमार द्वारा दायर इस आवेदन में धर्मपुर ब्लॉक में आरक्षण रोस्टर को लेकर उठाए मुद्दों पर तुरंत फैसले व फैसले तक चुनावी प्रक्रिया पर फिर से रोक लगाने की गुहार लगाई गई है। प्रार्थी का आरोप है कि सरकार ने इस बार आरक्षण रोस्टर में कथित रूप से धांधली बरती है। इस कथित धांधली को लेकर धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र की कोठुआं पंचायत निवासी पवन कुमार ने इस पंचायत को लगातार पांचवीं बार आरक्षित करने पर हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। प्रार्थी के आग्रह पर ही हाईकोर्ट ने 30 दिसम्बर को जारी आदेशानुसार चुनावी प्रक्रिया पर लगाई रोक को हटा लिया था। अब प्रार्थी ने रोक हटाने वाले आदेश को वापस लेने और उसकी याचिका पर अंतिम सुनवाई करने की गुहार लगाई है।

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