Edited By Jyoti M, Updated: 02 Apr, 2026 01:26 PM

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में स्वास्थ्य सेवाओं ने एक नया मोड़ लिया है। अब देवभूमि की महिलाओं और कैंसर जैसे गंभीर रोगों से जूझ रहे मरीजों के लिए एक बड़ी राहत की खबर आई है।
हिमाचल डेस्क। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में स्वास्थ्य सेवाओं ने एक नया मोड़ लिया है। अब देवभूमि की महिलाओं और कैंसर जैसे गंभीर रोगों से जूझ रहे मरीजों के लिए एक बड़ी राहत की खबर आई है। प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल, आईजीएमसी (IGMC) में अब न केवल प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की ओपीडी शुरू हो गई है, बल्कि कैंसर की सटीक पहचान के लिए अत्याधुनिक तकनीक भी शहर में दस्तक दे चुकी है।
महिलाओं के लिए आसान हुई राह:
अब तक शिमला में महिलाओं के इलाज के लिए कमला नेहरू अस्पताल (KNH) ही मुख्य केंद्र था, लेकिन अब स्वास्थ्य विभाग ने इसे विस्तार देते हुए स्त्री रोग विभाग (Gynaecology OPD) को आईजीएमसी के ब्लॉक-ए की दूसरी मंजिल पर शुरू कर दिया है। फिलहाल मरीजों की सुविधा के लिए यह ओपीडी कमला नेहरू अस्पताल और आईजीएमसी, दोनों जगहों पर साथ-साथ चलेगी। यह व्यवस्था इसलिए की गई है ताकि मरीजों को अचानक हुए इस बदलाव से कोई परेशानी न हो।
केवल परामर्श ही नहीं, बल्कि भर्ती होने वाली महिलाओं के लिए ब्लॉक-बी की पांचवीं मंजिल पर एक विशेष वार्ड भी तैयार किया गया है। आने वाले समय में यह पूरी यूनिट पूरी तरह आईजीएमसी से ही संचालित होगी।
कैंसर के खिलाफ बड़ी जंग: पेट-सीटी स्कैन की शुरुआत
हिमाचल के स्वास्थ्य इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होने वाला है। अब तक कैंसर के मरीजों को इस महत्वपूर्ण टेस्ट के लिए चंडीगढ़ या दिल्ली जैसे शहरों की दौड़ लगानी पड़ती थी, जिससे वक्त और पैसा दोनों बर्बाद होते थे। इस मशीन के आने से अब प्रदेश के भीतर ही कैंसर की शुरुआती स्टेज में पहचान हो सकेगी, जिससे इलाज की सफलता दर बढ़ेगी।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
आईजीएमसी के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राहुल राव ने बताया कि इन नई सुविधाओं का मुख्य उद्देश्य राज्य के भीतर ही विश्वस्तरीय इलाज उपलब्ध कराना है। इससे मरीजों को दूसरे राज्यों में जाने की मजबूरी से मुक्ति मिलेगी और राज्य का चिकित्सा ढांचा और अधिक आत्मनिर्भर बनेगा।