Sirmaur: हरियाणा से एंट्री...हिमाचल में अवैध कटान, विभाग ने ऐसा दबाेचा वन माफिया का सरगना

Edited By Vijay, Updated: 27 Jan, 2026 03:37 PM

forest department take action against forest mafia

हिमाचल प्रदेश और हरियाणा की सीमा पर स्थित कालाअम्ब के सुकैती क्षेत्र में वन विभाग ने वन माफिया के खिलाफ बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। विभाग की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर जाल बिछाकर खैर की लकड़ी की तस्करी कर रहे एक आरोपी को मौके से दबोच लिया है।

कालाअम्ब (प्रताप): हिमाचल प्रदेश और हरियाणा की सीमा पर स्थित कालाअम्ब के सुकैती क्षेत्र में वन विभाग ने वन माफिया के खिलाफ बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। विभाग की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर जाल बिछाकर खैर की लकड़ी की तस्करी कर रहे एक आरोपी को मौके से दबोच लिया है। हालांकि, अंधेरे का फायदा उठाकर आराेपी के अन्य साथी फरार होने में कामयाब रहे।

खैर के 12 हरे-भरे पेड़ काटे, हजारों रुपए है कीमत
वन विभाग को सूचना मिली थी कि वन माफिया रात के समय हरियाणा के रास्ते सुकैती के जंगलों में दाखिल हुआ है। सूचना पुख्ता होते ही विभाग हरकत में आया और सुबह करीब 4 बजे सुकैती गांव के समीप नाकेबंदी कर दी गई। जैसे ही तस्कर लकड़ी लेकर निकलने की फिराक में थे, टीम ने उन्हें घेर लिया। वन विभाग की टीम ने मौके से पल्होड़ी गांव के निवासी आबिद को गिरफ्तार किया है, जिसे इस गिरोह का मुखिया बताया जा रहा है। जांच में सामने आया है कि माफिया ने जंगल से खैर के 12 हरे-भरे पेड़ काट डाले थे, जिनकी कीमत हजारों रुपए आंकी गई है।

हिमाचल-हरियाणा का मिला-जुला गिराेह,  निजी भूमि से काटे पेड़
जानकारी के अनुसार इस तस्करी गिरोह में कुल 6 लोग शामिल थे। इनमें से 4 आरोपी हरियाणा के और 2 हिमाचल प्रदेश के बताए जा रहे हैं। टैंपो चालक हरियाणा के नगली गांव का निवासी है। पुलिस और वन विभाग फरार हुए आरोपियों की तलाश कर रहे हैं। जांच में पता चला है कि जिस स्थान पर खैर के पेड़ों का अवैध कटान किया गया, वह निजी भूमि है। जमीन का मालिक वहां नहीं रहता, जिस कारण यह क्षेत्र माफिया के लिए आसान शिकार बन गया है। इससे पहले भी इसी भूमि से खैर के पेड़ चोरी हो चुके हैं, जिसकी शिकायत मालिक ने पहले भी पुलिस में दर्ज कराई थी।

क्या कहते हैं डीएफओ नाहन 
इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में बीओ इंतजार अली, बीओ राजेश, नाहन रेंज के फाेरैस्ट गार्ड गौरव मोहन, त्रिलोकपुर रेंज के फाेरैस्ट गार्ड नायब सिंह, सुनील कुमार, बलजीत, केवल कृष्ण और वन मित्र शामिल रहे। मौके पर डीएफओ (प्रोबेशनल) ने भी पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। डीएफओ नाहन अवनी भूषण राय ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि वन माफिया को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। नियमों के अनुसार सख्त कार्रवाई अमल में लाई जा रही है और पुलिस को भी मामले की सूचना दे दी गई है। फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए प्रयास जारी हैं।

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