Edited By Vijay, Updated: 23 Jan, 2026 05:52 PM

वन माफिया के मंसूबों पर पानी फेरते हुए और इंदौरा वन विभाग की टीम ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। विभागीय टीम ने वन परिक्षेत्र इंदौरा के अंतर्गत आने वाले धंतोल के घने जंगल में....
इंदौरा (अजीज): वन माफिया के मंसूबों पर पानी फेरते हुए और इंदौरा वन विभाग की टीम ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। विभागीय टीम ने वन परिक्षेत्र इंदौरा के अंतर्गत आने वाले धंतोल के घने जंगल में एक गुप्त ऑप्रेशन को अंजाम देते हुए अवैध रूप से काटे गए खैर के 54 मौछे (लट्ठे) बरामद किए हैं।
जानकारी के अनुसार वन परिक्षेत्र अधिकारी जगजीत चावला को खबर मिली थी कि धंतोल के जंगल में एक नाले के भीतर तस्करों ने अवैध कटान कर खैर की बेशकीमती लकड़ी छिपाई है। सूचना मिलते ही तत्काल प्रभाव से वन रक्षक जतिंद्र कुमार, विशाल कुमार और वन मित्र की एक विशेष टीम गठित की गई।
टीम ने मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला और लकड़ी को अपनी निगरानी में ले लिया। वन विभाग की योजना तस्करों को रंगे हाथों पकड़ने की थी, जिसके चलते टीम ने कड़ाके की ठंड और विषम परिस्थितियों के बावजूद जंगल में लगातार 2 दिनों तक लकड़ी पर नजर बनाए रखी।
अधिकारियों का मानना है कि वन विभाग की इस सख्त घेराबंदी की भनक संभवतः लकड़ी तस्करों (वन काटुओं) को लग गई थी। यही कारण रहा कि 2 दिन बाद भी कोई उस लकड़ी को उठाने मौके पर नहीं पहुंचा। जब यह स्पष्ट हो गया कि तस्कर अब नहीं आएंगे तो विभाग ने कानूनी कार्रवाई शुरू की।
वन विभाग ने इस मामले की सूचना पुलिस थाना इंदौरा को दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने वन विभाग के बयान के आधार पर अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध मामला दर्ज कर लिया है और तस्करों की तलाश शुरू कर दी है।
वहीं, वन विभाग ने बरामद किए गए खैर के 54 मौछों को अपने कब्जे में ले लिया है। वन परिक्षेत्र अधिकारी जगजीत चावला ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में गश्त और तेज कर दी गई है और वन संपदा को नुक्सान पहुंचाने वाले किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा।