शिक्षा विभाग ने खत्म किया ग्रेड सिस्टम, अब जो नहीं पढ़ेगा वो होगा फेल

Edited By kirti, Updated: 07 Sep, 2019 12:32 PM

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प्रदेश में शिक्षा के स्तर को बढ़ाने और छात्रों के भविष्य को देखते हुए शिक्षा विभाग ने कमर कस ली है। सरकार के नए नियम के तहत 2019-20 से डिटेंशन पॉलिसी को समाप्त कर दिया है। अब पांचवीं और आठवीं तक के छात्रों को निर्धारित पास अंक(33%) प्राप्त करने ही...

 

धर्मशाला: प्रदेश में शिक्षा के स्तर को बढ़ाने और छात्रों के भविष्य को देखते हुए शिक्षा विभाग ने कमर कस ली है। सरकार के नए नियम के तहत 2019-20 से डिटेंशन पॉलिसी को समाप्त कर दिया है। अब पांचवीं और आठवीं तक के छात्रों को निर्धारित पास अंक(33%) प्राप्त करने ही होंगे अन्यथा उन्हें फेल किया जा सकेगा। हालांकि फेल होने वाले छात्रों को 2 महीने बाद परीक्षा का एक और मौका दिया जाएगा। अगर छात्र उस परीक्षा को पास कर लेते हैं तो उन्हें अगली क्लास में बैठने का मौका दिया जाएगा।इससे हिमाचल में शिक्षा की गुणवत्ता का स्तर भी बढ़ेगा। बता दें कि डिटेंशन पॉलिसी के अनुसार अब तक छात्रों को पासिंग प्रसेंटेज ना मिलने के बिना भी अगली कक्षा में दाखिला दे दिया जाता था।

बता दें कि बदलाव राइट टू एजुकेशन एक्ट में सरकार द्वारा संशोधन करने के बाद किया गया है. शिक्षा विभाग ने साफ किया कि प्रदेश के सरकारी उच्च शिक्षा बोर्ड से एफिलेटेड निजी स्कूलों में इस सत्र में बोर्ड से ही फाइनल परीक्षा के प्रश्न पत्र सेट करवाने होंगे। एक्ट में संशोधन होने के बाद पहली से आठवीं कक्षा तक छात्रों को बिना परीक्षा पास किए अगली कक्षा में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। इसके साथ ही शीतकालीन स्कूलों में 31 दिसंबर और ग्रीष्मकालीन स्कूलों में 31 मार्च को बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम घोषित किए जाएंगे. अब परीक्षाएं भी बोर्ड द्वारा करवाई जाएगी, लेकिन छात्रों की परीक्षाएं उनके स्कूल में ही होंगी। इसके साथ ही केंद्र सरकार ने भी इस पॉलिसी को लेकर फैसला राज्यों पर छोड़ दिया था, जिसके बाद राज्य सरकार ने इस फैसले को कैबिनेट में 2 माह पहले मंजूरी दी थी. हिमाचल सरकार ने फैसला ले कर नो डिटेंशन पॉलिसी को समाप्त कर दिया है।

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